5
(1)

प्रदीप विद्रोही

भागलपुर। बिहार बंद के दौरान शनिवार को भागलपुर का तिलकामांझी चौक अचानक हिंसा की आग में झुलस उठा। नीट पेपर लीक और छात्र आंदोलन के समर्थन में जुटी भीड़ के बीच हालात उस समय बेकाबू हो गए, जब प्रदर्शनकारियों के एक उग्र समूह ने पुलिस और प्रशासनिक वाहनों पर पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते पूरा इलाका रणक्षेत्र में बदल गया। पथराव में जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय घायल हो गईं, जबकि कई पुलिसकर्मी, मीडियाकर्मी और आम लोग भी चोटिल हुए।
उग्र भीड़ ने लगाए भड़काऊ नारे, वाहनों पर बोला हमला:
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवी “BJP की गाड़ी है, मारो-मारो” जैसे नारे लगाते हुए सड़क से गुजर रहे वाहनों को निशाना बनाने लगे। लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से लैस भीड़ ने सरकारी और निजी वाहनों पर हमला कर दिया। इस दौरान सदर एसडीएम की गाड़ी, ट्रैफिक पुलिस की जिप्सी, पुलिस पेट्रोलिंग वाहन सहित कुल नौ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
पथराव में डीएम अलंकृता पांडेय घायल:
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय, एसएसपी प्रमोद कुमार यादव सहित वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंचे। हालात संभालने के प्रयास के दौरान उपद्रवियों द्वारा किए गए पथराव में डीएम के सिर में ईंट लग गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
भाजपा नेता की स्कॉर्पियो पर हमला, बॉडीगार्ड ने संभाला मोर्चा:
हंगामे के दौरान तिलकामांझी चौक से गुजर रही एक भाजपा नेता की सफेद स्कॉर्पियो को भीड़ ने पहचान लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने वाहन पर पथराव और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। स्थिति गंभीर होती देख सुरक्षा में तैनात सरकारी अंगरक्षक वाहन से बाहर निकला और अपनी सर्विस पिस्टल निकालकर हमलावरों को पीछे हटने की चेतावनी दी। इसके बाद भाजपा नेता को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पुलिस जिप्सी पलटी, प्रशासनिक तैयारी पर उठे सवाल:
भीड़ ने पुलिस की पेट्रोलिंग जिप्सी को पलट दिया और कई सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की। जबकि बिहार बंद को लेकर पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर भागलपुर पुलिस पिछले कई दिनों से फ्लैग मार्च और मॉक ड्रिल कर रही थी, फिर भी उपद्रवी प्रशासनिक तैयारियों पर भारी पड़ते दिखाई दिए।
पहले से जुटाए गए थे ईंट-पत्थर:
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार उपद्रवियों ने पथराव की तैयारी पहले से कर रखी थी। तिलकामांझी चौक के पास स्थित एक ध्वस्त होटल के मलबे से ईंट-पत्थर निकालकर पुलिस और प्रशासनिक टीम पर लगातार हमला किया गया। करीब आधे घंटे तक पूरे इलाके में अराजक स्थिति बनी रही।
पुलिस का लाठीचार्ज, गलियों तक चला अभियान
स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया और कई उपद्रवियों को गलियों तक खदेड़ा। बरारी रोड और आसपास के इलाकों में देर शाम तक भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर पथराव तथा हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है।
छात्र धरने पर बैठे, इलाके में तनाव बरकरार:
लाठीचार्ज के विरोध में कई छात्र सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। तिलकामांझी से बरारी मार्ग तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
इस्तीफे की सूचना के बाद शांत हुआ माहौल
स्थानीय स्तर पर यह दावा किया गया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की सूचना प्रदर्शनकारियों तक पहुंचने के बाद भीड़ धीरे-धीरे शांत होने लगी और लोग सड़कों से हटने लगे। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि संबंधित सरकारी स्रोतों से स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है।
फिलहाल प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटा है। हिंसा, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 1

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: