


@ गांधी के विचारों को कर्म में उतारने सड़क पर उतरे समाजसेवी, रक्तदान शिविर में भी दिखा सेवा का जज्बा।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गांधी को केवल याद करने के बजाय उनके विचारों को जमीन पर उतारने की कोशिश रविवार को शहर में नजर आई। कहीं हाथों में झाड़ू थी तो कहीं जरूरतमंदों के लिए रक्तदान करने वालों की कतार। मौका था गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र और महात्मा गांधी आगमन शताब्दी समारोह समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित त्रिदिवसीय समारोह के अंतिम दिन का।
कार्यक्रम के तीसरे दिन समाजसेवियों और आम लोगों ने शहर में स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई का संदेश दिया। प्रकाश चंद्र गुप्ता, डॉ. सुनील अग्रवाल, तकी अहमद, सरिता मंडल, नीरज, मनीष आर्यन समेत बड़ी संख्या में लोगों ने अभियान में हिस्सा लिया। अभियान ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिकों की भी साझी जिम्मेदारी है।
स्वच्छता अभियान के बाद श्वेतांबर जैन धर्मशाला परिसर में रक्तदान शिविर लगाया गया। डॉ. सुधीर मंडल, सत्येंद्र कुमार, इंजीनियर सागर कुमार समेत कई लोगों ने रक्तदान कर जरूरतमंदों के लिए जीवन बचाने की मुहिम में योगदान दिया। शिविर का उद्घाटन प्रो. (डाॅ.) रतन कुमार मंडल, प्रकाश चंद्र गुप्ता, डॉ. सुनील अग्रवाल, अरविंद रामा और गौरव जैन ने संयुक्त रूप से किया।
सफाई और रक्तदान के बाद हुई विचारों की पड़ताल
समारोह का तकनीकी सत्र केवल गांधी के विचारों की चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शोधार्थियों ने मौजूदा सामाजिक चुनौतियों को भी बहस के केंद्र में रखा। गांधी विचार विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार मुख्य अतिथि और वर्तमान अध्यक्ष डॉ. अमित रंजन सिंह अध्यक्ष रहे। विषय प्रवेश डॉ. उमेश प्रसाद ने कराया, जबकि संचालन डॉ. रवि शंकर कुमार चौधरी ने किया।
शोध छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों में नशामुक्ति, गांधी के भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में किए गए कार्य, सामाजिक शांति, चुनाव में जातिवाद और हिंसा, मीडिया की जिम्मेदारी, अशिक्षा तथा समतामूलक समाज जैसे मुद्दे प्रमुखता से उभरे।
डॉ. सुबोध कुमार पासवान, डॉ. कर्ण कुमार राणा, कौशल कुमार, शोभित सरकार, आकाश गौतम, सागर शर्मा, वंदना कुमारी गुप्ता, राजकुमार, प्रिंस कुमार, प्रशांत कुमार झा, शआदत हुसैन, चंदन कुमार कर्ण और कमर आलम समेत कई प्रतिभागियों ने अपने विचार रखे।
तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. योगेंद्र ने देश में बढ़ती अमीरी-गरीबी की खाई पर चिंता जताई। उन्होंने लोगों से नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
समिति के संयोजक डॉ. सुधीर मंडल ने गांधी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में एकता व भाईचारे का माहौल मजबूत करने पर जोर दिया। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. अमित रंजन सिंह ने कहा कि मौजूदा दौर में गांधी के विचारों पर गंभीर मंथन की जरूरत है। उन्होंने गांधी विचार विभाग में 30 सितंबर, 1 अक्टूबर और 2 अक्टूबर को राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किए जाने की घोषणा की।

कार्यक्रम में देव कुमार यादव, भवानन्द भाई, चंदन मधुकर, अनीता शर्मा और मृदुला सिंह, मनोहर शर्मा आदि ने काव्य पाठ किया। डॉ. अलका सिंह ने भी विचार रखे। धन्यवाद ज्ञापन समिति के संयोजक प्रसून लतांत ने किया।
















