


पूर्णिया : नई दिल्ली में सनातन आस्था और अयोध्या के राम मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे के कथित दुरुपयोग के विरोध में संत समाज ने प्रदर्शन किया। स्वामी प्रकाश आनंद महाराज, जगतगुरु स्वामी योगेश जी और आचार्य कंप्यूटर बाबा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में साधु-संत मंडी हाउस से प्रधानमंत्री आवास की ओर कूच के लिए एकत्र हुए। इस प्रदर्शन में पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भी शामिल हुए।

प्रदर्शन के दौरान संत समाज ने मंदिरों में मिलने वाले चढ़ावे और दान की राशि के प्रबंधन में पारदर्शिता की मांग उठाते हुए प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने की बात कही। सांसद पप्पू यादव ने संतों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि मंदिरों और धार्मिक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संत समाज को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चढ़ावे और दान की राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए तथा व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव ने मंदिरों के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाते हुए कथित 3,000 करोड़ रुपये की राशि और चांदी की ईंटों से जुड़े मामलों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
संत समाज ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने से रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर और नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। सांसद पप्पू यादव ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में संत समाज की बात सुनी जानी चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान मंदिरों के चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता और धार्मिक संस्थाओं में संतों की भूमिका बढ़ाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
















