


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सुलतानगंज में श्रावणी मेले के दौरान आस्था का जनसैलाब लगातार बढ़ रहा है। गंगाजल भरकर बाबा धाम की ओर बढ़ रहे कांवरियों की भीड़ अब आंकड़ों में भी दिखाई देने लगी है। जिला प्रशासन की ओर से लगाए गए दो पीपुल काउंटिंग मशीनों ने महज 23 घंटे में 2 लाख 33 हजार 124 कांवरियों की मौजूदगी दर्ज की है।
प्रशासन द्वारा कांवरियों की संख्या का वैज्ञानिक तरीके से आकलन करने के लिए कृष्णगढ़ और धाधी बेलारी में पीपुल काउंटिंग मशीनें लगाई गई हैं। इन मशीनों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 10 अगस्त की शाम 5 बजे से 11 अगस्त की शाम 4 बजे तक कुल 2,33,124 कांवरियों की गणना हुई।
इनमें सबसे अधिक भीड़ कृष्णगढ़ क्षेत्र में दर्ज की गई। कृष्णगढ़ स्थित मशीन ने 1,65,191 कांवरियों की आवाजाही दर्ज की, जबकि धाधी बेलारी की मशीन से 67,933 कांवरियों की गणना हुई।

कृष्णगढ़ से निकली सबसे बड़ी संख्या
दोनों काउंटिंग प्वाइंट के आंकड़े बताते हैं कि कांवरियों की आवाजाही में कृष्णगढ़ प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां दर्ज संख्या कुल गणना का बड़ा हिस्सा है। धाधी बेलारी में भी करीब 68 हजार कांवरियों की आवाजाही दर्ज होना मेले की व्यापकता को दर्शाता है।
यह आंकड़े केवल भीड़ की संख्या नहीं बता रहे, बल्कि प्रशासन के लिए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा बलों की तैनाती, यातायात नियंत्रण, चिकित्सा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन की रणनीति तैयार करने में भी महत्वपूर्ण आधार बन रहे हैं।
सुलतानगंज से शुरू होने वाली कांवर यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र से लेकर गंगा घाट, प्रमुख मार्ग और कांवर पथ तक प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चिकित्सा, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की व्यवस्थाएं संचालित की जा रही हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन से जुड़े इंतजाम भी सक्रिय रखे गए हैं।
पीपुल काउंटिंग मशीनों से मिलने वाले आंकड़ों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि श्रावणी मेले में हर दिन लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। पारंपरिक अनुमान के बजाय मशीनों से प्राप्त आंकड़े प्रशासन को यह समझने में मदद कर सकते हैं कि किस स्थान पर किस समय अधिक भीड़ पहुंच रही है। इसके आधार पर भीड़ के दबाव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती, यातायात व्यवस्था और आवश्यक सुविधाओं को बढ़ाया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने कांवरियों एवं श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें। किसी भी तरह की परेशानी या सहायता की आवश्यकता होने पर श्रद्धालु निकटतम सहायता केंद्र अथवा मौके पर तैनात प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
















