


@ विधायक ई० शुभानंद मुकेश ने एक अलग रास्ता सुझाया है – जब तक अंतीचक में स्थायी कैंपस तैयार नहीं होता, तब तक सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) के परिसर से विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय का अस्थायी संचालन शुरू किया जाए।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। विक्रमशिला की ऐतिहासिक धरती पर केंद्रीय विश्वविद्यालय का सपना अब सिर्फ ईंट-पत्थर के परिसर से नहीं, बल्कि कक्षाओं की शुरुआत से पूरा करने की मांग जोर पकड़ने लगी है। स्थायी परिसर के निर्माण में हो रही देरी के बीच कहलगांव विधायक ई० शुभानंद मुकेश ने एक अलग रास्ता सुझाया है – जब तक अंतीचक में स्थायी कैंपस तैयार नहीं होता, तब तक सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU) के परिसर से विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय का अस्थायी संचालन शुरू किया जाए।

इस मांग को लेकर विधायक ई० शुभानंद मुकेश ने बिहार के राज्यपाल जनरल सैयद अता हसनैन को पत्र देकर तत्काल पहल की मांग की है। उनका तर्क है कि विश्वविद्यालय के स्थायी भवन के इंतजार में विद्यार्थियों का शैक्षणिक सत्र क्यों रुके? उपलब्ध बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल कर पढ़ाई और प्रशासनिक गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं।
जमीन तैयार, बजट का प्रावधान – फिर पढ़ाई कब:
मांग पत्र में दावा किया गया है कि अंतीचक में प्रस्तावित विश्वविद्यालय के लिए करीब 220 एकड़ भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही परियोजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से 500 करोड़ रुपये के प्रारंभिक बजट का प्रावधान किए जाने की बात भी कही गई है।ऐसे में मांग उठ रही है कि स्थायी परिसर के निर्माण की प्रक्रिया अपनी गति से चलती रहे, लेकिन विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को उसके पूरा होने तक रोका न जाए।

‘कैंपस बाद में, कक्षा पहले’ का मॉडल:
विधायक शुभानंद की मांग का मूल आधार यही है कि विश्वविद्यालय का संचालन Transit Campus से शुरू किया जाए। इसके लिए सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय के उपलब्ध बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया गया है।
यदि सबौर कृषि विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए कक्षाएं और प्रशासनिक कार्य शुरू कर दिए जाते हैं, तो अंग क्षेत्र एवं बिहार के युवाओं का बहुमूल्य शैक्षणिक सत्र बर्बाद होने से बचेगा।
उच्च शिक्षा के लिए स्थानीय छात्रों को पलायन नहीं करना पड़ेगा। ऐतिहासिक विक्रमशिला की शैक्षणिक प्रासंगिकता पुनः स्थापित हो सकेगी।
ई० शुभानंद मुकेश ने महामहिम राज्यपाल से छात्रहित और क्षेत्र के शैक्षणिक विकास को प्राथमिकता देते हुए इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
















