


@ सामाजिक मुद्दों पर हस्तक्षेप करेगा संगठन, गौतम कुमार बने संयोजक; आदित्य प्रकरण पर सरकार से संवेदनशील पहल की मांग।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। शहर में सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर अब एक नया मंच सक्रिय होगा। भागलपुर के सामाजिक कार्यकर्ताओं की बैठक में ‘बिहार जनसंघर्ष समिति’ के गठन का निर्णय लिया गया। होटल आमंत्रण में सोमवार को आयोजित बैठक में देश, बिहार और भागलपुर से जुड़े विभिन्न ज्वलंत सामाजिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के बाद इस संगठन की नींव रखी गई।

बैठक में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महसूस किया कि समाज में सामने आने वाले जनसरोकार के मुद्दों पर राजनीतिक या अन्य किसी पूर्वाग्रह से अलग हटकर निष्पक्ष हस्तक्षेप और जनहित में आवाज उठाने के लिए एक व्यापक जनसंगठन की जरूरत है। इसी सोच के साथ सर्वसम्मति से संगठन का नाम बिहार जनसंघर्ष समिति रखा गया।
संगठन के संचालन के लिए कमिटी का गठन भी किया गया। इसमें गौतम कुमार को संयोजक तथा निर्मल कुमार को सह-संयोजक बनाया गया है। वहीं सुभाष कुमार प्रसाद को कोषाध्यक्ष सह कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई। संगठन में जिनी हमीदी, डॉ. जयंत जलद, संजय कुमार, उज्ज्वल घोष और मृदुला सिंह को संरक्षक बनाया गया है।बैठक की अध्यक्षता मृदुला सिंह ने की, जबकि संचालन दीपक कुमार मंडल ने किया।
बैठक में पटना के गर्दनीबाग में चल रहे धरना-प्रदर्शन में छह वर्षीय बच्चे आदित्य की उपस्थिति और उसके माता-पिता के साथ धरने में शामिल होने के मामले पर भी चर्चा हुई।
बैठक में मंजर आलम, बाकिर हुसैन, मो. शाहबाज, अबु नासिर, मो. काबुल, प्रेम जी और गोपाल कृष्णा समेत कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
संगठन की अगली बैठक 27 सितंबर 2026 को आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में समिति की आगे की कार्ययोजना और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर हस्तक्षेप की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

नई समिति के गठन के साथ भागलपुर में सामाजिक मुद्दों को लेकर एक नया मंच सामने आया है। अब देखना होगा कि ‘बिहार जनसंघर्ष समिति’ जनहित के मुद्दों पर अपनी निष्पक्षता और सक्रियता को किस तरह जमीन पर उतारती है।
















