


ऊर्जा मंत्री के गांव तक पहुंचा कटाव का खतरा, रेलवे लाइन भी जद में; मुख्यमंत्री से लेकर जिला प्रशासन तक की नजर
नवगछिया। गंगा नदी के लगातार हो रहे भीषण कटाव ने राघोपुर क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। कटाव का दायरा लगातार फैलता जा रहा है और अब राघोपुर के अस्तित्व के साथ-साथ रेलवे लाइन की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग की ओर से बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। इसके बावजूद नदी का कटाव थमने का नाम नहीं ले रहा है।

बताया जा रहा है कि पहले जिस स्थान पर कटाव का दायरा करीब 30 से 40 मीटर तक सीमित था, वह अब बढ़कर लगभग 400 से 500 मीटर तक पहुंच गया है। कटाव के लगातार विस्तार के कारण राघोपुर तटबंध और उसके आसपास के इलाकों पर खतरा बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि जिला प्रशासन से लेकर राज्य सरकार तक इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री स्तर से भी राघोपुर में कटाव की स्थिति की निगरानी की जा रही है।
जल संसाधन विभाग के अभियंताओं और वरीय अधिकारियों के अलावा जिला पदाधिकारी तथा नवगछिया के पुलिस अधीक्षक भी कटाव स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। अधिकारियों ने मौके पर चल रहे बचाव कार्यों का जायजा लिया तथा अभियंताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
दुर्गा मंदिर के कटने के बाद बढ़ी चिंता
राघोपुर तटबंध के समीप कटाव की गंभीरता उस समय और बढ़ गई, जब दुर्गा मंदिर भी नदी के कटाव की चपेट में आ गया। मंदिर के कटने के बाद प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। मंदिर के बाद कटाव का रुख रेलवे लाइन की ओर बढ़ने से अब खतरा और गंभीर हो गया है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नदी जिस तेजी से जमीन को काट रही है, उससे आने वाले दिनों में बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते कटाव पर प्रभावी नियंत्रण नहीं पाया गया तो राघोपुर के बड़े भूभाग के साथ महत्वपूर्ण संरचनाएं भी इसकी चपेट में आ सकती हैं।
ऊर्जा मंत्री के गांव तक पहुंचा कटाव का खतरा
कटाव का बढ़ता दायरा अब ऊर्जा मंत्री के गांव की ओर भी पहुंच रहा है। गांव के अस्तित्व पर संकट की आशंका से ग्रामीणों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी और स्थायी बचाव कार्य कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि केवल अस्थायी उपायों से कटाव को लंबे समय तक रोकना मुश्किल होगा। नदी के दबाव और कटाव की दिशा को देखते हुए स्थायी समाधान की जरूरत है, ताकि गांव, तटबंध और रेलवे लाइन को सुरक्षित रखा जा सके।
ड्रेजिंग की भी बनाई गई थी योजना
कटाव को नियंत्रित करने के लिए विभाग की ओर से कई स्तर पर कार्ययोजना तैयार की गई है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के माध्यम से ड्रेजिंग कराने की तैयारी भी की गई थी। फ्लड फाइटिंग फोर्स के अध्यक्ष के नेतृत्व में गूगल मानचित्र के माध्यम से संभावित ड्रेजिंग स्थल और कार्ययोजना तैयार की गई थी।
हालांकि, इसी बीच करीब 150 से 200 मीटर के हिस्से में तेजी से कटाव होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई। कटाव के बढ़ते दायरे को देखते हुए अब बचाव कार्य को और अधिक तेज करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
नदी के अंदर से भी चल रहा बचाव कार्य
कटाव को रोकने के लिए जल संसाधन विभाग की टीम लगातार मौके पर काम कर रही है। नदी के अंदर से कटाव को नियंत्रित करने के लिए जहाज और नाव के माध्यम से भी बचाव कार्य शुरू कराया गया है। विभाग के अभियंता और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर नदी की स्थिति और कटाव की दिशा पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि गंगा के जलस्तर में कमी आने के बावजूद कटाव जारी है। सामान्य तौर पर जलस्तर घटने के बाद कटाव में कमी आने की उम्मीद रहती है, लेकिन राघोपुर में इसके विपरीत कटाव का सिलसिला जारी रहने से अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।
जमींदारी बांध के बाद अब तटबंध और रेलवे लाइन की चुनौती
राघोपुर क्षेत्र में पहले जमींदारी बांध को बचाने की चुनौती प्रशासन के सामने थी। विभाग और प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास कर उसे सुरक्षित रखने की कोशिश की गई। अब कटाव का रुख राघोपुर तटबंध की ओर बढ़ने के बाद चुनौती और गंभीर हो गई है।
दुर्गा मंदिर के कटने और रेलवे लाइन की ओर कटाव बढ़ने से स्थिति संवेदनशील हो गई है। नदी का दबाव तटबंध के बड़े हिस्से पर बना हुआ है। ऐसे में यदि समय रहते कटाव पर प्रभावी नियंत्रण नहीं पाया गया तो आने वाले दिनों में तटबंध, रेलवे लाइन और आसपास के आबादी वाले क्षेत्रों को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ सकती है।
वरीय अधिकारियों ने किया स्थल निरीक्षण
राघोपुर में कटाव की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव, पथ निर्माण विभाग के मंत्री सहित कई वरीय अधिकारी कटाव स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। जिला पदाधिकारी और नवगछिया के पुलिस अधीक्षक ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है।
अधिकारियों ने मौके पर मौजूद विभागीय टीम से बचाव कार्य की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है, जबकि जल संसाधन विभाग की टीम कटाव को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
ग्रामीणों की बढ़ रही चिंता
लगातार हो रहे कटाव ने राघोपुर के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों की नजर अब प्रशासन और जल संसाधन विभाग की कार्रवाई पर टिकी है। ग्रामीणों का कहना है कि कटाव जिस गति से फैल रहा है, उसे देखते हुए केवल तत्काल बचाव कार्य पर्याप्त नहीं होगा। नदी की धारा को नियंत्रित करने और तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए स्थायी उपाय किए जाने की जरूरत है।
फिलहाल विभागीय टीम द्वारा नदी के अंदर और तटबंध के आसपास लगातार बचाव कार्य कराया जा रहा है। प्रशासन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। लेकिन कटाव का दायरा 30-40 मीटर से बढ़कर 400-500 मीटर तक पहुंच जाने और रेलवे लाइन तथा आसपास के गांवों की ओर खतरा बढ़ने से राघोपुर के भविष्य को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता लगातार गहराती जा रही है।
















