


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा लगातार जमीन काट रही है और राघोपुर जमींदारी तटबंध पर खतरा हर घंटे गहरा रहा है। पिछले दस दिनों से जारी कटाव ने जब विकराल रूप लिया तो बुधवार को सरकारी अमला कागजी कार्रवाई से निकलकर सीधे ग्राउंड जीरो पर पहुंच गया। अब तटबंध को बचाने के लिए रात-दिन फ्लड फाइटिंग चलेगी। नदी की धार का दबाव कम करने के लिए ड्रेजर उतार दिया गया है, जबकि जहाजों से मेगा बैग गिराकर कटाव रोकने की कोशिश शुरू हो गयी है।

खरीक प्रखंड के राघोपुर जमींदारी तटबंध की स्थिति को लेकर सांसद अजय कुमार मंडल, पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेंद्र और ऊर्जा मंत्री शैलेष कुमार उर्फ बुलो मंडल की ओर से सरकार को भेजे गये गंभीर संदेश के बाद शासन-प्रशासन सक्रिय हुआ। बुधवार को आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव संतोष कुमार मल्ल और जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव चंद्रशेखर प्रसाद सिंह भारी प्रशासनिक अमले के साथ कटाव स्थल पर पहुंचे।
जहां गंगा काट रही, वहीं मशीनें भिड़ीं:
कटाव रोकने के लिए जल संसाधन विभाग ने नदी के बीच ड्रेजर मशीन लगायी है। गंगा की मुख्य धारा के दबाव को तटबंध से हटाने के लिए नदी के तल में जमा गाद हटायी जा रही है। मकसद साफ है – धारा का सीधा प्रहार तटबंध पर कम किया जाए। दूसरी ओर, संवेदनशील हिस्से में कन्हैया लॉजिस्टिक और रबिया जहाजों के जरिये मेगा बैग गिराये जा रहे हैं। इन बैगों के सहारे कटाव वाले हिस्से को तत्काल सहारा देने की कोशिश की जा रही है।
अब दिन में नहीं, रात में भी चलेगा ऑपरेशन:
स्थल का निरीक्षण करने के दौरान जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव चंद्रशेखर प्रसाद सिंह ने अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि तटबंध की सुरक्षा में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। फ्लड फाइटिंग का काम शिफ्टों में 24 घंटे जारी रखने की तैयारी है। उन्होंने अधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल करने और जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त संसाधन जुटाने का निर्देश दिया। प्रशासन का फोकस फिलहाल कटाव को तत्काल नियंत्रित करने और तटबंध के कमजोर हिस्से को सुरक्षित करने पर है।

अस्थायी बचाव के साथ स्थायी इलाज की तैयारी:
सिर्फ मेगा बैग और गाद हटाने तक बचाव अभियान सीमित नहीं रहेगा। कटाव की रफ्तार पर स्थायी रोक लगाने के लिए संवेदनशील हिस्से में बोल्डर पिचिंग की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। यानी एक तरफ गंगा की धार को मोड़ने की कोशिश है, तो दूसरी तरफ तटबंध को मजबूत कवच देने की तैयारी। कटाव स्थल पर भागलपुर डीएम, नवगछिया एसपी और एसडीएम समेत प्रशासनिक एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। फिलहाल मशीनें चल रही हैं, जहाज नदी में हैं और तटबंध पर बचाव कार्य तेज कर दिया गया है।
राघोपुर में अब मुकाबला सिर्फ कटाव से नहीं, समय से भी है। गंगा की धार जितनी तेजी से जमीन काट रही है, प्रशासन उतनी ही तेजी से बचाव सामग्री और मशीनें मौके पर उतारने में जुटा है। तटबंध के लिए अगला कुछ समय बेहद अहम माना जा रहा है।
















