


@ भागलपुर में गंगा का जलस्तर 33.27 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं कहलगांव क्षेत्र में जलस्तर 31.69 मीटर दर्ज हुआ है।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बिहार में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ, पश्चिम विकास विभाग, पटना की ओर से बुधवार दोपहर दो बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार गंगा के विभिन्न माप केंद्रों पर पिछले 24 घंटे में जलस्तर बढ़ा है। पटना के गांधीघाट पर गंगा का जलस्तर 49.75 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.15 मीटर ऊपर है। यहां पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 34 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है।
पटना के दीघाघाट पर भी गंगा का जलस्तर बढ़कर 50.82 मीटर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान से 37 सेंटीमीटर ऊपर है। पिछले 24 घंटे में यहां जलस्तर 34 सेंटीमीटर बढ़ा है। हथीदह में गंगा 42.49 मीटर पर है और खतरे के निशान से 73 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। यहां भी 24 घंटे में 23 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है।

भागलपुर में गंगा का जलस्तर 33.27 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं कहलगांव क्षेत्र में जलस्तर 31.69 मीटर दर्ज हुआ है।मोकामा क्षेत्र में भी गंगा के बढ़ते जलस्तर पर नजर बनी हुई है।
गंगा के अलावा राज्य की अन्य प्रमुख नदियों में भी कई स्थानों पर जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। खगड़िया में बूढ़ी गंडक 36.90 मीटर पर बह रही है, जो खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर है। पिछले 24 घंटे में यहां 8 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई।
गंडक नदी के डुमरियाघाट में जलस्तर 62.78 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर ऊपर है। हाजीपुर में गंडक का जलस्तर 49.73 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 59 सेंटीमीटर नीचे है। हालांकि यहां पिछले 24 घंटे में 26 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है।
पुनपुन में सबसे अधिक बढ़ोतरी:
रिपोर्ट के अनुसार पटना जिले के श्रीपालपुर में पुनपुन नदी का जलस्तर 52.60 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर है। पिछले 24 घंटे में यहां जलस्तर में 44 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई, जो रिपोर्ट में दर्ज प्रमुख स्टेशनों में सबसे अधिक बढ़ोतरी है।
कोसी नदी के बलतारा में जलस्तर 35.04 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 1.19 मीटर ऊपर है। वहीं कुर्सेला में कोसी का जलस्तर 30.55 मीटर दर्ज हुआ और यह खतरे के निशान से 55 सेंटीमीटर ऊपर है।

बागमती, कमला, घाघरा और महानंदा समेत कई अन्य नदियों में अधिकांश निगरानी केंद्रों पर जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। हालांकि कुछ केंद्रों पर जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में गंगा के साथ-साथ अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर पर भी बाढ़ नियंत्रण तंत्र की नजर बनी हुई है।
















