


@ कोच रिंकी देवी ने मंत्री श्रेयसी सिंह से मिलकर लगाई गुहार – जल्द शुरू हो केंद्र, साथ में वॉलीबॉल मिनी सेंटर की भी हो स्थापना।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। खेल प्रतिभाओं को गांव-कस्बों से निकालकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई खेलो इंडिया योजना का कहलगांव प्रखंड के घोघा स्थित सेंटर इन दिनों बंद पड़ा है। सेंटर के बंद रहने से स्थानीय खिलाड़ियों के अभ्यास और प्रशिक्षण पर असर पड़ रहा है। अब इसे दोबारा शुरू कराने की मांग उठने लगी है।
घोघा निवासी कोच रिंकी देवी ने खिलाड़ियों के साथ उद्योग एवं खेल विभाग की मंत्री श्रेयसी सिंह से मुलाकात कर इस संबंध में पत्र सौंपा है। उन्होंने सेंटर को जल्द से जल्द दोबारा शुरू कराने की मांग की है।
कोच रिंकी देवी ने बताया कि खेलो इंडिया के तहत सेंटर का निर्माण पिछले वर्ष ही कराया गया था, लेकिन वर्तमान में इसके संचालन में बाधा के कारण खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने संबंधित विभाग से सेंटर को शीघ्र पुनः चालू कराने का अनुरोध किया है।
खेल प्रतिभाओं के लिए जरूरी है नियमित अभ्यास
कोच का कहना है कि क्षेत्र में खेल के प्रति युवाओं और बच्चों में काफी रुचि है, लेकिन उचित प्रशिक्षण और संसाधनों के अभाव में उनकी प्रतिभा को सही दिशा नहीं मिल पाती। खेलो इंडिया सेंटर के माध्यम से स्थानीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और बेहतर खेल वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।ऐसे में सेंटर का नियमित संचालन नहीं होने से उन खिलाड़ियों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है, जो यहां अभ्यास कर अपनी खेल क्षमता को निखारना चाहते हैं।

आवेदन में घोघा क्षेत्र में वॉलीबॉल का मिनी सेंटर स्थापित कराने की भी मांग की गई है। कोच के अनुसार, क्षेत्र में वॉलीबॉल के प्रति खिलाड़ियों में काफी उत्साह है। यदि यहां प्रशिक्षण की व्यवस्थित सुविधा उपलब्ध हो, तो ग्रामीण इलाके की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल सकता है।
अब विभाग के फैसले पर टिकी खिलाड़ियों की उम्मीद
कोच ने विभाग से खेलो इंडिया सेंटर को जल्द से जल्द चालू कराने के साथ-साथ वॉलीबॉल मिनी सेंटर की स्थापना की दिशा में पहल करने का अनुरोध किया है। स्थानीय खेल प्रतिभाओं के लिए यह सेंटर सिर्फ एक अभ्यास स्थल नहीं, बल्कि आगे बढ़ने का मंच साबित हो सकता है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग बंद पड़े सेंटर को कब तक दोबारा सक्रिय करता है और घोघा के खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण की सुविधा कब मिलती है।

















