


@ राधोपुर में 5 मेडिकल कैंप सक्रिय, रोज 350-400 बाढ़ पीड़ितों को मिल रहा मुफ्त इलाज और दवा।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा का कटाव राधोपुर क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। बाढ़ के पानी के बीच जहां रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है, वहीं बीमारी का खतरा भी मंडरा रहा है। ऐसे समय में स्वास्थ्य विभाग ने राहत का एक अलग मोर्चा संभाल लिया है। खरीक प्रखंड के बाढ़ प्रभावित राधोपुर क्षेत्र में पांच विशेष स्वास्थ्य शिविर लगातार चलाए जा रहे हैं।
इन कैंपों में बाढ़ पीड़ितों की जांच से लेकर इलाज और दवा तक की व्यवस्था मुफ्त की गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, हर दिन औसतन 350 से 400 लोगों को चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं।

बाढ़ के साथ बढ़ने वाली बीमारियों को देखते हुए मेडिकल टीम लगातार लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही है। कैंपों में बुखार, सर्दी-खांसी, त्वचा संबंधी परेशानी, दस्त, पेट की बीमारी समेत अन्य सामान्य रोगों की जांच और उपचार किया जा रहा है।
जिन मरीजों को गंभीर बीमारी या बेहतर चिकित्सा सुविधा की जरूरत पड़ रही है, उन्हें उच्चतर स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था भी की गई है।
बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं प्राथमिकता में
स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ के बीच सबसे अधिक संवेदनशील लोगों पर विशेष फोकस किया है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य की निगरानी के साथ उन्हें जरूरी चिकित्सकीय सलाह और उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। कैंपों में स्वास्थ्यकर्मी सुरक्षित पेयजल इस्तेमाल करने, पानी उबालकर या क्लोरीनयुक्त कर पीने, भोजन ढककर रखने और हाथों की नियमित सफाई की सलाह दे रहे हैं। मच्छरों से बचाव को लेकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बाढ़ के पानी के सीधे संपर्क से बचने की अपील की है। बुखार, दस्त, उल्टी, त्वचा संबंधी समस्या या अन्य परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य

शिविर पहुंचने की सलाह दी गई है। गंगा के कटाव से पैदा हुई बाढ़ की चुनौती के बीच स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जरूरत के मुताबिक स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाने और बाढ़ पीड़ितों तक समय पर मुफ्त इलाज पहुंचाने की तैयारी भी जारी है।
















