


भागलपुर। गणेश चतुर्थी के अवसर पर सोमवार को भागलपुर शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। विभिन्न स्थानों पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। पूजा स्थलों पर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष सुनाई दिए।
शहर के बूढ़ानाथ, जरलाही, परबत्ती, बरारी, सिकंदरपुर सहित कई इलाकों में गणेश पूजा को लेकर पूजा समितियों और स्थानीय लोगों की ओर से तैयारियां की गई थीं। पूजा पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर वेदी तैयार की गई। पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश को फूल, दूर्वा, मोदक, लड्डू और अन्य नैवेद्य अर्पित किए।

गणेश चतुर्थी को लेकर सुबह से ही पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। महिलाएं, बच्चे और युवा भी पूजा में शामिल हुए। कई स्थानों पर पूजा पंडालों को फूलों, रोशनी और अन्य सजावटी सामग्री से सजाया गया था। स्थानीय पूजा समितियों की ओर से भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
मान्यता के अनुसार भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले गणेश पूजा करने की परंपरा है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

शहर के विभिन्न मोहल्लों में पूजा समितियों और स्थानीय युवाओं की सक्रियता रही। शाम के समय पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना रही। गणेश चतुर्थी के अवसर पर भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक आयोजन और पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा।
















