


पूर्णिया । जीडी गोयनका स्कूल, पूर्णिया में सोमवार को विद्यार्थियों एवं विद्यालय के कर्मचारियों को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सुरक्षित, संयमित और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयार करने के उद्देश्य से भूकंप मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक चले इस अभ्यास में पुनित भवन, महामाया भवन एवं प्रशासनिक ब्लॉक के विद्यार्थियों के साथ शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

मॉक ड्रिल से पहले 12 सितंबर को विद्यालय के कर्मचारियों के लिए विशेष ब्रीफिंग आयोजित की गई थी। इसमें भूकंप के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, निर्धारित निकासी मार्ग, आपातकालीन जिम्मेदारियों, सुरक्षित सभा स्थल तथा विद्यार्थियों को व्यवस्थित तरीके से भवन से बाहर निकालने की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे।
आपातकालीन सूचना के साथ शुरू हुआ अभ्यास
मॉक ड्रिल की शुरुआत श्री डेविड द्वारा विद्यालय के केंद्रीय उद्घोषणा तंत्र के माध्यम से आपातकालीन सूचना प्रसारित किए जाने के साथ हुई। सूचना मिलते ही विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने पहले से निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करते हुए भवन से बाहर निकलना शुरू किया।

विभिन्न कक्षाओं के लिए निर्धारित निकासी मार्गों का इस्तेमाल करते हुए विद्यार्थी महामाया भवन एवं प्रशासनिक भवन के बीच स्थित सुरक्षित मैदान में पहुंचे। वहां सभी विद्यार्थियों को उनकी-उनकी कक्षाओं के अनुसार अनुशासित पंक्तियों में खड़ा किया गया।
कक्षा शिक्षकों ने विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करते हुए संख्या का मिलान किया, जबकि विषय शिक्षकों ने कक्षाओं से विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकालने में सहयोग किया। इस दौरान खाली कक्षाओं से जुड़े शिक्षकों को गलियारों, सीढ़ियों और निकास द्वारों पर तैनात किया गया था, ताकि निकासी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
शौचालय और अन्य स्थानों का किया अंतिम निरीक्षण
मॉक ड्रिल के दौरान शारीरिक शिक्षा शिक्षकों एवं खोज दल ने शौचालयों तथा निर्धारित क्षेत्रों का अंतिम निरीक्षण किया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आपातकालीन निकासी के दौरान कोई विद्यार्थी या कर्मचारी भवन के भीतर न रह गया हो।
अभ्यास की पूरी प्रक्रिया का सुश्री अनुष्का एवं श्री शमशेर द्वारा फोटो एवं वीडियो के माध्यम से दस्तावेजीकरण भी किया गया। इससे विद्यालय प्रशासन को भविष्य में मॉक ड्रिल की समीक्षा और आवश्यक सुधार करने में मदद मिलेगी।
विद्यार्थियों ने दिखाया अनुशासन और संयम
मॉक ड्रिल के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ-साथ अनुशासन, संयम और जिम्मेदारी का परिचय दिया। विद्यार्थियों ने बताया कि इस अभ्यास के माध्यम से उन्हें आपात स्थिति में घबराने के बजाय शांत रहने, शिक्षकों के निर्देशों का पालन करने, निर्धारित निकासी मार्ग का उपयोग करने और अपनी कक्षा के साथ सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की व्यावहारिक जानकारी मिली।
विद्यालय प्रशासन के अनुसार इस प्रकार के अभ्यास का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल आपदा प्रबंधन की सैद्धांतिक जानकारी देना नहीं है, बल्कि उन्हें वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार करना भी है। ऐसे अभ्यास से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित होती है।
आपातकालीन व्यवस्थाओं की भी हुई समीक्षा
मॉक ड्रिल के दौरान विद्यालय की आपातकालीन संचार व्यवस्था, निकासी मार्ग, कर्मचारियों के बीच समन्वय और सुरक्षित सभा स्थल की व्यवस्था का भी आकलन किया गया। अभ्यास के बाद की समीक्षा में कुछ महत्वपूर्ण सुधारात्मक बिंदुओं की पहचान की गई।
विद्यालय प्रशासन ने विशेष सहायता की आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए पहले से स्पष्ट सहायता व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की। साथ ही आपात स्थिति में प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों की संख्या का सटीक मिलान सुनिश्चित करने के लिए संबंधित कक्षा शिक्षक की अनिवार्य उपस्थिति पर भी जोर दिया गया।
वैकल्पिक शिक्षकों और विशेष सहायता योजना पर जोर
विद्यालय प्रशासन ने समीक्षा के आधार पर विशेष सहायता की आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए स्पष्ट एवं पूर्व-निर्धारित सहायता योजना तैयार करने का निर्णय लिया। इसके अलावा प्रत्येक कक्षा के लिए वैकल्पिक शिक्षक की व्यवस्था रखने, उपस्थिति सूची के आधार पर विद्यार्थियों की संख्या का सटीक मिलान करने तथा नियमित अंतराल पर आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित करने पर जोर दिया गया।
विद्यालय प्रशासन ने कहा कि प्रत्येक मॉक ड्रिल के बाद समीक्षा बैठक भी आयोजित की जाएगी, ताकि अभ्यास के दौरान सामने आने वाली कमियों को दूर कर आपातकालीन व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
विद्यालय प्रशासन ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भूकंप जैसी आपदा अचानक आती है और ऐसी स्थिति में सही समय पर सही निर्णय लेना बेहद महत्वपूर्ण होता है। नियमित मॉक ड्रिल के माध्यम से विद्यार्थियों और कर्मचारियों को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि आपदा की स्थिति में किस प्रकार शांत रहते हुए निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करना है।
विद्यालय के अनुसार ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों को आपदा के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, समन्वय, सतर्कता, त्वरित निर्णय क्षमता और सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करती हैं।
जीडी गोयनका स्कूल, पूर्णिया में आयोजित भूकंप मॉक ड्रिल इस दृष्टि से महत्वपूर्ण पहल रही। अभ्यास के माध्यम से जहां विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझा, वहीं विद्यालय प्रशासन को अपनी आपदा प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा और उसमें आवश्यक सुधार करने का अवसर भी मिला।
















