


@ सबौर महाविद्यालय के शिक्षक की अकादमिक उपलब्धि। अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में प्रस्तुत शोध-पत्र देशभर के चयनित 30 शोध-पत्रों में शामिल।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सबौर महाविद्यालय के शिक्षक डॉ. मयंक वत्स ने अकादमिक एवं शोध के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में प्रस्तुत उनका शोध-पत्र ‘Growth of Digital Journalism in Regional Languages’ देशभर से प्राप्त शोध-पत्रों में चयनित होकर पुस्तक के रूप में प्रकाशित हुआ है।सेमिनार में पत्रकारिता, जनसंचार, डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, नई तकनीक और संचार के बदलते आयामों से संबंधित लगभग 300 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए।

यह उपलब्धि डॉ. वत्स की शोधपरक सक्रियता और अकादमिक योगदान को रेखांकित करती है। साथ ही, यह तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय एवं सबौर महाविद्यालय के लिए भी गौरव का विषय है।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की ओर से 16 से 18 जनवरी तक ‘Changing Trends in Journalism and Mass Communication in the Era of Social Media’ विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया गया था। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, मीडिया विशेषज्ञों, बुद्धिजीवियों एवं समाजसेवियों ने सहभागिता की।
सेमिनार में पत्रकारिता एवं जनसंचार के बदलते स्वरूप, सोशल मीडिया के प्रभाव तथा डिजिटल मीडिया की नई संभावनाओं सहित विभिन्न समकालीन विषयों पर व्यापक अकादमिक विमर्श हुआ। सेमिनार का आयोजन सचिव प्रो. (डॉ.) बाला लखेंद्र तथा संयोजक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) ज्ञान प्रकाश मिश्रा के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए विद्वानों ने अपने विचार एवं शोध प्रस्तुत किए।
प्रमुख वक्ताओं में प्रो. (डॉ.) राममोहन पाठक, पूर्व कुलपति, नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय; डॉ. आशीष द्विवेदी, निदेशक, स्कूल ऑफ जर्नलिज्म, भोपाल; डॉ. अनिल उपाध्याय, पूर्व अध्यक्ष, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ; तथा डॉ. अनिल जाजोदिया, अध्यक्ष, पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया, वाराणसी चैप्टर सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल थे। कार्यक्रम का अध्यक्षीय भाषण प्रो. संजीव भाणावत, मुख्य संपादक, कम्युनिकेशन टुडे, ने दिया।
शोध-पत्र में डॉ. वत्स ने क्षेत्रीय भाषाओं की डिजिटल पत्रकारिता को स्थानीय समाज की आवाज को व्यापक मंच प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया। अपने शोध-पत्र के प्रस्तुतीकरण के दौरान डॉ. मयंक वत्स ने पत्रकारों के समर्पण, संघर्ष और जनसेवा की भावना को रेखांकित करते हुए पत्रकारों को समर्पित अपनी कविता की पंक्तियां भी प्रस्तुत कीं – ‘रंग-बिरंगी दुनिया को हम ब्लैक एंड व्हाइट में लिखते हैं।बुरे समय में लोगों के संग अक्सर ही हम दिखते हैं। न शहीद का दर्जा मिलता, न सरकारी सहानुभूति, सिर्फ पत्रकार ही अक्सर जनहित में मरते दिखते हैं।’ पुस्तक का शीर्षक “Communication Studies in the Era of Social Media” है। इसके संपादक डॉ. बाला लखेंद्र हैं, जबकि प्रकाशन विजडम वर्ल्ड पब्लिकेशन, वाराणसी द्वारा किया गया है। शोध-पत्र का पुस्तक में प्रकाशित होना डॉ. वत्स की अकादमिक एवं शोधपरक गतिविधियों की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इस उपलब्धि पर सबौर महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार झा ने डॉ. मयंक वत्स को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
डॉ. मयंक वत्स की उपलब्धि पर महाविद्यालय के शिक्षक प्रो. डॉ. पारस मणि झा, डॉ. नाज परवीन, डॉ. राकेश रंजन, डॉ. मनिलाल पासवान, डॉ. कुमार नित्य गोपाल, डॉ. नीरज कुमार सिन्हा, डॉ. मो. शहाबुद्दीन, डॉ. रंजना कुमारी, डॉ. अनीता कुमारी, डॉ. सत्येंद्र कुमार, डॉ. अभिषेक कुमार, डॉ. मेघा सिंह, डॉ. सरोज कुमार, डॉ. वीरेंद्र कुमार एवं डॉ. विपुल कुमार सहित महाविद्यालय के प्रधान सहायक श्री राकेश ठाकुर तथा शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

















