


राजकीय डिग्री महाविद्यालय खरीक में संवाद श्रृंखला-5 के तहत संगोष्ठी, वक्ताओं ने दोनों महापुरुषों के योगदान और आदर्शों पर रखे विचार
नवगछिया । राजकीय डिग्री महाविद्यालय खरीक में संवाद श्रृंखला-5 के तहत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में दोनों महापुरुषों के योगदान, उनके विचारों और आदर्शों पर विस्तार से प्रकाश डाला। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम का संचालन हिंदी के प्राध्यापक डॉ. चैतन्य ने किया। उन्होंने महात्मा गांधी के व्यक्तित्व और उनके प्रभाव का उल्लेख करते हुए अल्बर्ट आइंस्टाइन के प्रसिद्ध कथन का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि गांधीजी का जीवन और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत रहेंगे। गांधीजी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से जिस तरह सामाजिक एवं राजनीतिक परिवर्तन का मार्ग दिखाया, वह आज भी महत्वपूर्ण है।
सत्य और दृढ़ इच्छाशक्ति से लक्ष्य प्राप्त करने की सीख
इतिहास के प्राध्यापक डॉ. राजीव ने कहा कि युवा पीढ़ी महात्मा गांधी के जीवन से प्रेरणा लेकर सत्य और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकती है। गांधीजी का जीवन संघर्ष, आत्मअनुशासन और दृढ़ संकल्प का उदाहरण है। उनके विचारों को समझकर विद्यार्थी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
डॉ. ब्रजेश ने कहा कि गांधी जैसे व्यक्तित्व बार-बार पैदा नहीं होते। उन्होंने कहा कि गांधीजी के जीवन को समझने के लिए उनके भीतर मौजूद सहनशीलता, त्याग और समर्पण को समझना जरूरी है। उनके आदर्शों को अपनाने के लिए व्यक्ति को अपने जीवन में धैर्य, अनुशासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करनी होगी।

गांधीजी के जीवन और योगदान पर हुई चर्चा
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए डॉ. अरुण ने महात्मा गांधी के जीवन, उनकी पृष्ठभूमि और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को गांधीजी के जीवन के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया और कहा कि उनके विचारों को केवल पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय व्यवहार में उतारने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्र अविनाश कुमार ने महात्मा गांधी पर तैयार अपना भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने गांधीजी के जीवन और उनके विचारों पर अपने विचार रखते हुए उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने की बात कही।
संगोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने महात्मा गांधी के साथ पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के योगदान का भी उल्लेख किया। दोनों महापुरुषों के जीवन से विद्यार्थियों को सादगी, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया।
बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में प्राध्यापक डॉ. सैफ सहित छात्र दिलचन कुमार, चंदन कुमार, रिया कुमारी, मनीष कुमार, अविनाश कुमार, दिलखुश कुमार, नीतीश कुमार, गौरव कुमार, शिवम कुमार, अंकुश कुमार, अंकित कुमार, कन्हैया कुमार, नेहा कुमारी, कुमारी कुमारी और मुस्कान कुमारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
संगोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थियों को महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री के जीवन एवं विचारों से परिचित कराते हुए राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर भी चर्चा की गई। उपस्थित विद्यार्थियों ने दोनों महापुरुषों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा ली।
















