
@ तीन घंटे की मेहनत से तैयार की अनूठी लीफ आर्ट, संदेश दिया – ‘STOP GIRLS HARASSMENT & RESPECT ALL WOMEN’।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। नन्हा-सा पत्ता, उस पर मां दुर्गा का दिव्य स्वरूप और पूरी दुनिया के लिए नारी सम्मान का बड़ा संदेश! बिहार के विश्वविख्यात रेत कलाकार मधुरेन्द्र कुमार ने महज तीन सेंटीमीटर के हरे पीपल के पत्ते पर मां दुर्गा की सूक्ष्म तस्वीर उकेरकर महिला सुरक्षा और सम्मान की अनूठी अलख जगाई है। करीब तीन घंटे की कठिन मेहनत से तैयार इस कलाकृति के जरिए उन्होंने लड़कियों के साथ होने वाली छेड़छाड़ के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए संदेश दिया है – ‘STOP GIRLS HARASSMENT’ और ‘RESPECT ALL WOMEN’।
शारदीय नवरात्र की आस्था और मां दुर्गा की शक्ति को सामाजिक जागरूकता से जोड़ती यह कलाकृति आकार में भले ही बेहद छोटी है, लेकिन इसका संदेश व्यापक है। कलाकार ने इसके माध्यम से सवाल उठाया है कि जब भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना जाता है, तो फिर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं क्यों होती हैं?

मधुरेन्द्र कुमार की इस सूक्ष्म कलाकृति का मुख्य आकर्षण सिंह पर सवार मां दुर्गा की तस्वीर है। इसमें देवी के अनेक हाथों में त्रिशूल, तलवार, धनुष-बाण सहित विभिन्न अस्त्र-शस्त्रों को बारीकी से दर्शाया गया है। हरे पीपल के पत्ते को कैनवास बनाकर तैयार की गई इस रचना में मां दुर्गा के शौर्य और शक्ति को महिलाओं की सुरक्षा तथा आत्मसम्मान के संदेश से जोड़ा गया है।
मधुरेन्द्र कुमार अपनी कलाकृतियों में रेत के साथ-साथ हरे पत्तों, फलों, सब्जियों और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों का भी इस्तेमाल करते रहे हैं। उनकी रचनाओं में धार्मिक आस्था, राष्ट्रीय गौरव, पर्यावरण संरक्षण, विश्व शांति और सामाजिक जागरूकता जैसे विषय प्रमुखता से दिखाई देते हैं।
वर्ष 2020 में ओडिशा के अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्ट फेस्टिवल में उनकी भागीदारी उनके कला सफर का उल्लेखनीय पड़ाव रही। उनकी उपलब्धियों में लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से जुड़ा सम्मान तथा सोनपुर मेले में भगवान विष्णु और गज-ग्राह प्रसंग पर आधारित 50 रेत कलाकृतियों के प्रदर्शन और एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज उपलब्धि का भी उल्लेख किया जाता है। वर्ष 2026 में ब्रिक्स से संबंधित स्वागत कलाकृति सहित विभिन्न विषयों पर प्राकृतिक सामग्रियों से प्रयोग करना भी उनकी रचनात्मक यात्रा का हिस्सा रहा है।
















