
कला, संस्कृति और लोक परंपराओं के माध्यम से सामाजिक बदलाव का संदेश देगा कार्यक्रम, नृत्य-नाट्य, परिचर्चा और प्रदर्शनी सहित होंगी विविध गतिविधियां
भागलपुर। कला, संस्कृति और लोक परंपराओं के माध्यम से सामाजिक बदलाव का संदेश देने के उद्देश्य से आगामी 27 दिसंबर 2026 को ‘रंग-ए-मिलाप’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। समवेत कार्यालय में प्रमुख साथियों की बैठक में इस आयोजन को लेकर निर्णय लिया गया। कार्यक्रम में समवेत के प्रेरणा केंद्रों से जुड़ी किशोरियां सक्रिय रूप से भाग लेंगी। आयोजन के माध्यम से किशोरियों को अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और विचारों को अभिव्यक्त करने के साथ सामाजिक मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करने का अवसर मिलेगा।

समवेत के सचिव डॉ. सुनील कुमार साह ने बताया कि ‘रंग-ए-मिलाप’ का उद्देश्य कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक बदलाव को एक साझा मंच पर लाना है। कार्यक्रम में किशोरियों के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने के साथ लैंगिक समानता, सामाजिक न्याय तथा समान अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान जनजातीय पर्व दसाईं और सोहराय पर आधारित नृत्य-नाट्य प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके अलावा समवेत की नाट्य प्रस्तुति, मूक अभिनय, परिचर्चा, प्रदर्शनी, लोक नृत्य, पत्रिका विमोचन और सहभोज सहित कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विभिन्न समुदायों की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और सामाजिक सरोकारों को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समानता पर रहेगा जोर
‘रंग-ए-मिलाप’ केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विभिन्न समुदायों की कला, संस्कृति और परंपराओं के सम्मान, आपसी संवाद तथा सहभागिता को बढ़ावा देने की पहल है। आयोजन के माध्यम से समाज में समानता, सामाजिक न्याय और आपसी सौहार्द की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, किशोरियों को ऐसा मंच उपलब्ध कराया जाएगा, जहां वे अपने विचारों और अनुभवों को खुलकर साझा कर सकें।
समवेत की यह पहल कला और संस्कृति को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाते हुए एक समावेशी और समानतापूर्ण समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
बैठक में वर्षा ऋतु, कुमार आनंद, संतोष सिंह, कुमारी सपना, करुणा और अभिषेक सहित कई लोग उपस्थित थे।















