
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। श्रावणी मेले सहित सालभर सुल्तानगंज के अजगैवीनाथ धाम से देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक पैदल यात्रा करने वाले कांवरियों की सुविधा के लिए कांवरिया पथ पर चार धर्मशालाओं के निर्माण की योजना बनाई गई है। इसके लिए प्रत्येक प्रस्तावित स्थल पर एक-एक एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित कर निःशुल्क हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

भागलपुर जिला राजस्व शाखा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। सुल्तानगंज के अंचलाधिकारी को पत्र प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर भूमि जांच रिपोर्ट और प्रस्ताव भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) के माध्यम से जिला राजस्व शाखा को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
प्रस्तावित धर्मशालाओं में विश्राम हॉल, प्रतीक्षालय, स्वास्थ्य शिविर, स्नानागार और भोजन कक्ष जैसी सुविधाओं के विकास की योजना है। इससे करीब 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को आराम और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
चारों स्थलों के लिए अलग-अलग भूमि हस्तांतरण प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। इनमें जमीन का रकबा, खाता-खेसरा, चौहद्दी और कानूनी स्थिति से जुड़े दस्तावेज शामिल होंगे। भूमि हस्तांतरण की मंजूरी और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं के लिए स्थायी विश्राम स्थलों की व्यवस्था करना है। धर्मशालाओं का निर्माण कब शुरू होगा और वे कब तक तैयार होंगी, इसकी समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए निजी शिविरों और अस्थायी सेवा पंडालों की भी अहम भूमिका रहती है। ऐसे में सरकारी स्तर पर स्थायी धर्मशालाओं का निर्माण होने से विश्राम और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों की भारी भीड़ को देखते हुए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि भूमि संबंधी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाती हैं और निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में शुरू होता है, तो आने वाले श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं को इसका लाभ मिल सकता है।















