


नवगछिया। नवगछिया अनुमंडल अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था इन दिनों गंभीर अव्यवस्था और लापरवाही के आरोपों के बीच घिरी हुई है। इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों को यहां बुनियादी सुविधाओं के लिए भी जूझना पड़ रहा है। डॉक्टर से दिखाने की प्रक्रिया इतनी जटिल और अव्यवस्थित हो गई है कि कई मरीज घंटों इंतजार करने के बाद भी बिना इलाज लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है। गेट पर तैनात रहने वाले सुरक्षा गार्ड अपनी ड्यूटी के प्रति गंभीर नहीं दिखते। कई गार्ड अस्पताल परिसर में इधर-उधर घूमते या अन्य कामों में व्यस्त नजर आते हैं। इतना ही नहीं, ड्रेस कोड का भी खुलेआम उल्लंघन हो रहा है—कुछ गार्ड बिना पूरी वर्दी या निर्धारित जूतों के ड्यूटी करते दिखाई देते हैं, जिससे अनुशासनहीनता साफ झलकती है।
स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब परिजन आरोप लगाते हैं कि कुछ महिला सुरक्षा गार्ड डिलीवरी के लिए आई गर्भवती महिलाओं को बहकाकर निजी अस्पतालों में ले जाने का प्रयास करती हैं। परिजनों का कहना है कि यह कथित रूप से कमीशन के लालच में किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस तरह की शिकायतों ने अस्पताल की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मुद्दे को लेकर आजाद हिंद मोर्चा के अध्यक्ष राजेंद्र यादव ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल की व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया, तो वे जिलाधिकारी को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग करेंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में न तो मरीजों के मार्गदर्शन के लिए कोई स्पष्ट व्यवस्था है और न ही निगरानी की कोई प्रभावी प्रणाली। इससे अव्यवस्था दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही अस्पताल की व्यवस्था को दुरुस्त कर आम जनता को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि सरकारी अस्पतालों पर लोगों का भरोसा कायम रह सके।
















