


नवगछिया के गोपालपुर
प्रखंड मुख्यालय के पीछे स्थित ब्रह्मोत्तर तटबंध पर कोसी के बढ़ते जलस्तर के कारण पानी का दबाव बढ़ गया है। पिछले दो दिनों से तटबंध में पानी का रिसाव होने से आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। रिसाव की सूचना मिलते ही जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों के सहयोग से तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए बचाव कार्य शुरू किया गया है।

मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष विपिन कुमार मंडल, एमएलसी प्रतिनिधि रोशन राय, भाजपा के वरिष्ठ नेता नितेंद्र सिंह, गुलाब सिंह और पीयूष झा पहुंचे। उन्होंने तटबंध की स्थिति का निरीक्षण किया और ग्रामीणों के साथ बचाव कार्य में आवश्यक सहयोग को लेकर चर्चा की।
ग्रामीणों के अनुसार रिसाव को रोकने के लिए बोरियों की आवश्यकता थी, लेकिन शुरुआत में इसकी कमी के कारण परेशानी हुई। बाद में जल संसाधन विभाग की ओर से बोरियों की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई। हालांकि बचाव कार्य में नाव की कमी अब भी बड़ी बाधा बनी हुई है।
मुखिया प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार उर्फ गौतम और भाजपा नेता नितेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से बोरियां उपलब्ध करा दी गई हैं, लेकिन नाव नहीं रहने के कारण तटबंध के प्रभावित हिस्से तक सामग्री पहुंचाने और बचाव कार्य को गति देने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गोपालपुर अंचलाधिकारी से कई बार संपर्क करने के बावजूद समय पर नाव उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके बाद निजी स्तर पर एक नाव की व्यवस्था कर बचाव कार्य आगे बढ़ाया गया।
तटबंध टूटा तो बढ़ सकती है परेशानी

जिला परिषद अध्यक्ष विपिन कुमार मंडल ने कहा कि तटबंध में रिसाव की सूचना स्थानीय प्रशासन और अंचलाधिकारी को दी गई है। इसके बावजूद अब तक अपेक्षित स्तर पर ठोस व्यवस्था नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि तटबंध की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को तत्काल सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए, ताकि किसी बड़े नुकसान की स्थिति उत्पन्न न हो।
ग्रामीणों ने भी तटबंध की लगातार निगरानी और युद्धस्तर पर बचाव कार्य कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि पानी का दबाव इसी तरह बढ़ता रहा और तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ तो पिछले वर्ष की तरह गोपालपुर प्रखंड मुख्यालय और रंगरा क्षेत्र में बाढ़ का पानी फैलने की आशंका है।
फिलहाल ग्रामीण अपने स्तर से तटबंध की सुरक्षा में जुटे हैं। पानी का दबाव और रिसाव जारी रहने के कारण क्षेत्र में खतरा बना हुआ है और लोगों की नजर प्रशासन की ओर है।















