
‘राम आएंगे’ और ‘गली-गली अवध सजाएँगे’ गीतों पर बच्चों की शानदार प्रस्तुति, सीता हरण नाटक ने मोहा मन
नवगछिया। गोशाला रोड स्थित बाल भारती विद्यालय में दीपावली एवं लोक आस्था के महापर्व छठ के पावन अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा का आकर्षक आयोजन किया गया। इसमें नर्सरी, एलकेजी तथा कक्षा 3, 4 और 5 के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने अपनी शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं, लोक आस्था और त्योहारों के वास्तविक महत्व से परिचित कराना तथा उनमें सांस्कृतिक मूल्यों और नैतिक संस्कारों का विकास करना था।
राममय प्रस्तुतियों से भक्तिमय हुआ विद्यालय परिसर
विशेष प्रार्थना सभा में बच्चों ने दीपावली और भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन से जुड़े प्रसंगों पर आधारित सुंदर प्रस्तुतियां दीं। ‘गली-गली अवध सजाएँगे’ और ‘राम आएंगे’ जैसे भक्तिमय गीतों पर बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे विद्यालय परिसर को राममय बना दिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुति और उत्साह ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
वहीं, लोक आस्था के महापर्व छठ की महिमा को दर्शाते हुए विद्यार्थियों ने नृत्य और आकर्षक झांकियों के माध्यम से छठ पूजा का सुंदर दृश्य प्रस्तुत किया। छठ घाट, सूर्य उपासना और लोक आस्था से जुड़े दृश्यों के माध्यम से बच्चों ने बिहार की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक दिखाई।
सीता हरण नाटक ने दर्शकों को किया भावविभोर
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रामायण के प्रसंग पर आधारित ‘सीता हरण’ नाटक रहा। विद्यार्थियों ने अपने अभिनय और संवादों के माध्यम से इस प्रसंग को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। बच्चों की अभिनय क्षमता और प्रस्तुति की सराहना की गई।
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य नवनीत सिंह एवं प्रशासक डीपी सिंह सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
त्योहार हमें संस्कृति और संस्कारों से जोड़ते हैं : डीपी सिंह

प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रशासक डीपी सिंह ने सभी विद्यार्थियों को दीपावली एवं छठ महापर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमारे त्योहार केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं हैं, बल्कि वे हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं, एकता और संस्कारों से जोड़ते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को दीपावली सुरक्षित और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहकर मनाने का संदेश दिया। साथ ही छठ महापर्व की पवित्रता, अनुशासन और लोक आस्था से प्रेरणा लेने की बात कही।
कार्यक्रम को सफल एवं आकर्षक बनाने में विद्यालय की शिक्षिकाओं शिवानी सिंह, दिव्या सिंह, मिली सिंह और शिखा मावंडिया का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षिका कामाख्या कश्यप ने किया।















