
इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखकर एजेंसी के झांसे में आया युवक, मेडिकल जांच से लेकर बायोमेट्रिक अपॉइंटमेंट तक के नाम पर वसूली गई रकम
नवगछिया। विदेश में नौकरी पाने और कनाडा का वर्क परमिट बनवाने की चाह एक व्यक्ति को महंगी पड़ गई। साइबर ठगों ने इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देकर उसे अपने जाल में फंसाया और अलग-अलग मदों में कुल 4 लाख 49 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना नवगछिया में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले के अनुसंधान की जिम्मेदारी पुलिस पदाधिकारी सतीश कुमार को सौंपी गई है।
पीड़ित ने अपने आवेदन में बताया है कि 6 अगस्त को उसने इंस्टाग्राम पर कनाडा वर्क परमिट से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए लिंक के माध्यम से उसने ट्रू नार्थ इमिग्रेशन नामक एजेंसी से संपर्क किया। एजेंसी की ओर से दिव्या ठाकुर नामक महिला ने उससे बातचीत की। महिला ने भरोसा दिलाया कि कनाडा का वर्क परमिट आसानी से बन जाएगा और शुरुआत में कोई पैसा नहीं देना होगा।

एजेंसी की ओर से पूरी प्रक्रिया का शुल्क 2 लाख 40 हजार रुपये बताया गया। साथ ही कहा गया कि इस राशि को कनाडा पहुंचने के बाद वेतन से धीरे-धीरे काट लिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद पीड़ित को एजेंसी की प्रक्रिया पर भरोसा हो गया।
मेडिकल जांच के बाद नौकरी का भेजा गया कन्फर्मेशन लेटर
आवेदन के अनुसार, इसके बाद पीड़ित को मेडिकल जांच के लिए पटना भेजा गया। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद कनाडा के अपर कनाडा मॉल स्थित एक फुटवियर रिटेलर के यहां सेल्समैन की नौकरी का कन्फर्मेशन लेटर भी भेजा गया। इसके बाद हेल्थ इंश्योरेंस, ट्रैवल इंश्योरेंस और पीसीसी बनवाने के नाम पर प्रीति रावत नामक महिला का मोबाइल नंबर दिया गया।
पीड़ित के अनुसार, महिला के कहने पर उसने 26,250 रुपये का भुगतान किया। इसके बाद आयकर रिटर्न (आईटीआर) के नाम पर 5,750 रुपये और चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) शुल्क के रूप में 6,500 रुपये भी लिए गए।
बायोमेट्रिक अपॉइंटमेंट के नाम पर भी मांगी गई रकम
आवेदन में बताया गया है कि बायोमेट्रिक अपॉइंटमेंट बुक कराने के नाम पर 13,500 रुपये और 47 हजार रुपये की मांग की गई। इसके बाद 28 अगस्त को कोलकाता स्थित वीएफएस ग्लोबल कनाडा वीजा आवेदन केंद्र में बायोमेट्रिक अपॉइंटमेंट बुक कराया गया। इस तरह वर्क परमिट, नौकरी और विभिन्न दस्तावेजों की प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग मदों में कुल 4 लाख 49 हजार रुपये की ठगी कर ली गई।
पीड़ित की शिकायत के आधार पर साइबर थाना नवगछिया में मामला दर्ज कर पुलिस ने अनुसंधान शुरू कर दिया है।

फर्जी विदेशी नौकरी के विज्ञापनों से रहें सावधान
यह घटना सोशल मीडिया पर विदेश में नौकरी और वर्क परमिट दिलाने के नाम पर सक्रिय साइबर ठगों से सतर्क रहने की जरूरत बताती है। विदेश में नौकरी पाने की इच्छा रखने वाले लोगों को किसी भी इमिग्रेशन एजेंसी के दावों पर बिना जांच-पड़ताल भरोसा नहीं करना चाहिए। एजेंसी का पंजीकरण, आधिकारिक वेबसाइट, कार्यालय का पता और भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है।
वर्क परमिट और वीजा के नाम पर निजी बैंक खाते या अनजान यूपीआई पहचान पर पैसे भेजने से बचना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति के साथ पासपोर्ट, बैंक खाते का विवरण, ओटीपी और अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता है तो बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ सकती है।















