


84 वर्षीय दुलाल चंद्र दास के निधन के बाद परिजनों ने पेश की मानव सेवा की मिसाल
पूर्णिया। शहर के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला बंगाली समाज जनसेवा और मानवीय कार्यों में भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। इसी क्रम में बंगाली समाज की पहल से पूर्णिया शहर में 22वां सफल नेत्रदान कराया गया। इस पहल के माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में रोशनी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।

नेत्रदान भट्ठा बाजार, रजनी चौक स्थित आजाद नगर निवासी 84 वर्षीय स्वर्गीय दुलाल चंद्र दास का कराया गया। दुलाल चंद्र दास चित्रवाणी रोड के मुहाने पर जूते की दुकान चलाते थे। उनके निधन के बाद उनकी पत्नी रंजू श्री दास सहित परिजनों ने नेत्रदान की सहमति देकर समाज सेवा की मिसाल पेश की।
नेत्रदान की पूरी प्रक्रिया में मुख्य संयोजक संचिता बनर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने परिवार से संपर्क कर नेत्रदान की प्रक्रिया को सुगम बनाने में सहयोग किया। परिवार के सभी सदस्यों ने इस निर्णय में सकारात्मक भूमिका निभाई। अमेरिका में रह रहे दुलाल चंद्र दास के बड़े बेटे ने भी नेत्रदान के लिए अपनी सहमति प्रदान की।

पूर्णिया दधीचि देहदान समिति ने इस मानवीय कार्य के लिए दुलाल चंद्र दास के परिवार के प्रति आभार जताया। इस दौरान मौजूद लोगों के बीच नेत्रदान को लेकर कई भ्रांतियां भी दूर हुईं। बताया गया कि महज दो सप्ताह के अंतराल में दो नेत्रदान होने से पूर्णिया में इस महादान के प्रति लोगों की जागरूकता और सम्मान बढ़ता दिखाई दे रहा है।
कटिहार से पहुंची चिकित्सा टीम के डॉ. अभय, डॉ. राहुल राज और डॉ. शाश्वत ने नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी कराई।
इस पुण्य कार्य के अवसर पर चिकित्सा एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। इनमें डॉ. ए.के. गुप्ता, रवीन्द्र साह, रूपेश डूंगरवाल, गौतम भौमिक, हेना सईद, स्वपन चक्रवर्ती, मनोहर दास और मिथु शावा समेत समाज के कई लोग शामिल रहे। सभी ने नेत्रदाता को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों के इस साहसिक एवं मानवीय निर्णय की सराहना की।
डॉ. ए.के. गुप्ता एवं उपस्थित चिकित्सकों ने परिवार के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि मरणोपरांत नेत्रदान मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। इससे जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी लौटाने में मदद मिल सकती है।
बंगाली समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज अपनी सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी जनकल्याणकारी कार्यों में भी आगे रहा है। भविष्य में भी ऐसे सेवा कार्यों को जारी रखने का संकल्प लिया गया।
















