
@ प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने की बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा, कटाव पीड़ित 12 परिवारों के पुनर्वास के लिए 65 डिसमिल जमीन का प्रस्ताव तैयार।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। जिले में बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और भविष्य में बाढ़ एवं गंगा कटाव से बचाव की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को समीक्षा भवन में प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि जिले के 1,65,819 परिवारों को सात-सात हजार रुपये की जीआर राशि दी गई है, जबकि 74,399 किसानों को कृषि इनपुट अनुदान के रूप में 27.37 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।

समीक्षा में सामने आया कि इस वर्ष जिले के 15 अंचलों की 114 पंचायतों के 457 गांव और 906 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हुए। इससे करीब 9.44 लाख की आबादी प्रभावित हुई। राहत के लिए 342 सामुदायिक रसोई संचालित कर 69.74 लाख बार भोजन उपलब्ध कराया गया। वहीं, 115 स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से 80,334 परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं दी गईं।
गंगा कटाव से 12 मकान नदी में विलीन हो गए हैं। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए 65 डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। कटाव पीड़ितों के लिए 10 से 25 अक्टूबर तक सामुदायिक रसोई चलाकर 46,940 लोगों को भोजन कराया गया।
बैठक में भागलपुर सदर के सात राहत शिविरों में 2,251 परिवारों के 9,003 लोगों को आश्रय देने की जानकारी दी गई। नगर निगम क्षेत्र में भी वर्ष 2016 के बाद पहली बार बाढ़ राहत के लिए चार सामुदायिक रसोई संचालित की गईं।

प्रशासन के अनुसार, राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 5 टीमें, 15 मोटर बोट, 261 गोताखोर और 501 आपदा मित्र उपलब्ध हैं। बाढ़ से क्षतिग्रस्त 10 सड़कों की मरम्मत भी पूरी कर ली गई है।
प्रभारी मंत्री ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से राहत कार्यों में तेजी लाने, लंबित भुगतान का निष्पादन करने और भविष्य में बाढ़ एवं कटाव से स्थायी बचाव के लिए तटबंधों की मैपिंग तथा विस्तृत अध्ययन कराने का निर्देश दिया। बैठक में जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी, वरीय प्रशासनिक पदाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।















