


@ गंगोत्री वेलफेयर फाउंडेशन, बिहार के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजेश मंडल की सुपुत्री शालिनी प्रिया ने पीएच.डी. सिनॉप्सिस प्रस्तुतीकरण में हासिल की बड़ी सफलता।
प्रदीप विद्रोही

भागलपुर। भागलपुर की प्रतिभाशाली बेटी शालिनी प्रिया ने देश के प्रतिष्ठित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी में अपने पीएच.डी. शोध कार्य के अंतर्गत सिनॉप्सिस प्रस्तुतीकरण सफलतापूर्वक पूरा कर भागलपुर, बिहार और पूरे गंगोता-गंगोत्री समाज का नाम रोशन किया है।
शालिनी प्रिया, गंगोत्री वेलफेयर फाउंडेशन, बिहार के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजेश मंडल की सुपुत्री हैं। उनकी इस उपलब्धि से शिक्षा जगत के साथ-साथ सामाजिक संगठनों में भी खुशी की लहर है।
उनका शोध विषय “Traditional Indian Games as a Pedagogical Intervention for Holistic Child Development: An IKS Perspective” है। इस शोध में भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) के आधार पर पारंपरिक भारतीय खेलों को बच्चों के समग्र विकास का प्रभावी शैक्षणिक माध्यम बताया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण और समसामयिक माना जा रहा है।
शालिनी प्रिया की सफलता उनकी वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर हों, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है।
गंगोत्री वेलफेयर फाउंडेशन, बिहार के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने विश्वास जताया कि शालिनी प्रिया भविष्य में अपने शोध कार्य से शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा को नई दिशा देंगी।
फाउंडेशन की डिजिटल टीम और बिहार इकाई ने शालिनी प्रिया को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
प्रमुख बिंदु –
देश के प्रतिष्ठित बीएचयू, वाराणसी में पीएच.डी. सिनॉप्सिस प्रस्तुतीकरण सफल।
भागलपुर की बेटी ने बढ़ाया बिहार और गंगोता-गंगोत्री समाज का सम्मान।
भारतीय पारंपरिक खेलों पर शोध से शिक्षा के क्षेत्र में नई सोच को मिलेगा बढ़ावा।
गंगोत्री वेलफेयर फाउंडेशन, बिहार ने दी हार्दिक बधाई।
















