
@ AI तस्वीरें वायरल होने से भाजपा में घमासान, मंत्री के इस्तीफे की मांग पर जिलाध्यक्ष का तीखा हमला; बोले – पंचायत चुनाव में सहानुभूति बटोरने की ओछी नौटंकी।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले के गंगा पार स्थित नवगछिया के बिहपुर में भाजपा की अंदरूनी राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया, जब राघोपुर पंचायत के सरपंच एवं भाजपा अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद मंडल की ओर से राज्य के पथ निर्माण मंत्री और बिहपुर विधायक ई. कुमार शैलेंद्र को लेकर कथित तौर पर विवादित AI तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित की गईं। तस्वीरों में मंत्री को हिंसक रूप में दिखाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की गई। मामला सामने आते ही भाजपा के स्थानीय नेताओं में आक्रोश फैल गया। अब पार्टी संगठन की ओर से सरपंच के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने के संकेत दिए जा रहे हैं। मालूम हो कि यह वही सरपंच है जिसे मंत्री ने लिखित तौर पर यह कहते हुए कि अगर तटबंध टूटा तो हम मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। इस आश्वासन के बाद ही सरपंच प्रमोद मंडल ने अपना अनशन समाप्त किया था।

AI तस्वीरों में मंत्री को ‘जल्लाद’, खुद को ‘बकरा’ दिखाया:
सोशल मीडिया पर प्रसारित दो कथित AI तस्वीरों ने विवाद को हवा दे दी है। पहली तस्वीर में मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र को जल्लाद के रूप में दिखाया गया है, जबकि सरपंच प्रमोद मंडल को बकरे की तरह प्रस्तुत करते हुए उनका गला रेतने का दृश्य दर्शाया गया है। दूसरी तस्वीर में मंत्री को हाथ में तलवार लिए सरपंच का सिर धड़ से अलग करने की मुद्रा में दिखाया गया है। इन तस्वीरों के साथ सरपंच ने तल्ख टिप्पणियां भी लिखीं। पहली पोस्ट में उन्होंने सवाल किया, ‘मंत्री जी, आप इस्तीफा देंगे या पाठा की तरह मेरी बलि देंगे?’ वहीं, दूसरी तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा कि उनका सिर धड़ से अलग कर दिया जाए, लेकिन मंत्री को इस्तीफा देना ही होगा। साथ ही उन्होंने पटना स्थित भाजपा कार्यालय में जल्द धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा भी की।
जिलाध्यक्ष – ‘सहानुभूति बटोरने की ओछी नौटंकी’:
विवादित पोस्ट पर भाजपा जिलाध्यक्ष मुक्तिनाथ सिंह निषाद ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने इसे राजनीतिक शिष्टाचार की सीमाओं का उल्लंघन बताते हुए आरोप लगाया कि आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को देखते हुए जनता की सहानुभूति हासिल करने के लिए इस तरह की हरकत की जा रही है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि किसी मंत्री और विधायक के खिलाफ इस तरह की अशोभनीय एवं हिंसक डिजिटल तस्वीरें प्रसारित करना पार्टी अनुशासन और सामाजिक मर्यादा के विपरीत है।
बिहपुर और नवगछिया के भाजपा नेताओं ने भी इस घटनाक्रम पर कड़ी आपत्ति जताई है। अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के वर्तमान जिलाध्यक्ष डोमी मंडल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रो. गौतम, जिला महामंत्री प्रभुनंदन चौधरी और जिला मंत्री रूपेश रूप समेत कई पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर विवादित तस्वीरों की निंदा की।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या विवादित AI तस्वीरें सरपंच प्रमोद मंडल के लिए राजनीतिक मुश्किलें खड़ी करेंगी? फिलहाल, भाजपा नेताओं के बयानों के अनुसार, उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। हालांकि, कार्रवाई का अंतिम निर्णय और इस मामले पर सरपंच का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
















