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प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। एक समय कोरोना संक्रमण के गंभीर दौर से जूझ चुका भागलपुर अब एक बार फिर सतर्कता के दौर में प्रवेश करता दिख रहा है। पिछले कुछ महीनों से जिले में कोरोना के मामले लगभग नगण्य थे, लेकिन देश के विभिन्न राज्यों में संक्रमण के छिटपुट मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पहले से ही अलर्ट मोड में था। इसी बीच तिलकामांझी थाना क्षेत्र के हटिया रोड निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग की आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। हालांकि मरीज की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उन्हें होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है।
जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ महसूस कर रहे थे। इलाज के लिए उन्हें शहर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हेमशंकर शर्मा के निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जांच के दौरान कोरोना जैसे लक्षणों की आशंका को देखते हुए चिकित्सक ने एहतियातन आरटी-पीसीआर जांच कराने की सलाह दी।
मरीज का सैंपल 16 जुलाई को तिलकामांझी स्थित केयर प्लस कलेक्शन सेंटर (पाथकाइंड लैब्स) में लिया गया। जांच रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद विभाग ने मरीज के संपर्क में आए परिजनों और करीबी लोगों की निगरानी शुरू कर दी है। आवश्यकता पड़ने पर उनके भी सैंपल की जांच कराई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जिले में कोरोना का यह एकमात्र पुष्ट मामला है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की जरूरत नहीं है। फिर भी लोगों को सतर्क रहने, लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी के दौरान भागलपुर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल रहा था। दूसरी लहर के दौरान यहां बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हुए थे और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी भारी दबाव पड़ा था। बाद में व्यापक टीकाकरण अभियान, जागरूकता और संक्रमण नियंत्रण के उपायों के कारण जिले में हालात सामान्य हो गए। पिछले लंबे समय से नए मामलों में लगातार कमी आने के कारण लोगों की दिनचर्या भी सामान्य हो चुकी थी। हालांकि हाल के दिनों में देश के कुछ हिस्सों में संक्रमण के छिटपुट मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना अब पहले की तुलना में कम गंभीर जरूर है, लेकिन वायरस पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए बुजुर्गों, पहले से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सर्दी, खांसी, बुखार, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लेना और जरूरत पड़ने पर जांच कराना जरूरी है।

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