


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गिरफ्तार छात्रों की बिना शर्त रिहाई और उनके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों को वापस लेने की मांग को लेकर शुक्रवार को अम्बेडकर चौक (स्टेशन चौक) पर नागरिक समाज, भागलपुर के बैनर तले एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया। धरने में शहर के गांधीवादी, मार्क्सवादी और अंबेडकरवादी विचारधारा से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
धरने का नेतृत्व महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. मनोज कुमार ने किया, जबकि संयोजन निर्मल कुमार ने किया। इसके बाद आयोजित सभा का संचालन उदय ने किया।
धरने को संबोधित करते हुए प्रो. डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने और अपनी बात रखने का अधिकार देता है।
सभा का संचालन कर रहे उदय ने केंद्र सरकार पर आंदोलनों के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया। दशरथ प्रसाद ने कहा कि सरकार ने आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और गिरफ्तार लोगों को रिहा करने का वादा किया था, लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वादे पूरे नहीं किए गए तो व्यापक जन आंदोलन खड़ा हो सकता है।
अनीता शर्मा और सरिता सिन्हा ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
महेश यादव ने आरोप लगाया कि धरना स्थल पर आरएसएस और बजरंग दल से जुड़े लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और बाद में भी आंदोलन में शामिल लोगों को निशाना बनाया गया।
सभा को मनोहर शर्मा, चंद्रहास यादव, अखिलेश्वर पासवान, जावेद खान, गौतम बनर्जी, दीपक मंडल, विनय कुमार, सुभाष प्रसाद, राहुल, संजय कुमार, गौतम कुमार, उमेश बौद्ध और सुशील यादव सहित कई वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
धरना समाप्ति के बाद प्रदर्शनकारियों ने स्थल पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से जिलाधिकारी को एक मांग-पत्र सौंपा। इसमें गिरफ्तार छात्रों की अविलंब और बिना शर्त रिहाई तथा आंदोलन से जुड़े सभी मुकदमों को निरस्त करने की मांग की गई।

















