5
(3)

@ मां के डीएनए से हुई थी मृतका की पहचान; जेठ ने कबूल किया था जुर्म।

प्रदीप विद्रोही

भागलपुर। भागलपुर में दो साल पुराने रेणु देवी हत्याकांड में अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष न्यायाधीश (निगरानी) दीपक कुमार की अदालत ने यह फैसला सुनाया।

इस हत्याकांड ने वर्ष 2023 में उस समय गंभीर रूप ले लिया था, जब पुलिस को एक महिला का सिर कटा शव मिला था। शव पर धारदार हथियार से किए गए छह से सात गंभीर जख्म के निशान थे। मृतका का सिर गायब होने के कारण उसकी पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। जांच के दौरान करीब आठ दिन बाद सिर बरामद हुआ। इसके बाद मृतका की मां के डीएनए नमूने से मिलान कर पहचान की पुष्टि की गई।
जानकारी के अनुसार, रेणु देवी तीन बच्चों की मां थीं। उनकी दूसरी शादी अरविंद पासवान से हुई थी। घटना के समय वह अपने मायके में थीं। बताया गया कि उनके पति, जेठ और ससुराल के अन्य लोगों ने उन्हें मेला देखने के लिए ससुराल बुलाया था।

शरीर पर थे धारदार हथियार से वार के निशान

शव की जांच में रेणु देवी के शरीर पर धारदार हथियार से किए गए कई वार के निशान मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी धारदार हथियार से हमला करने और गला काटकर हत्या किए जाने की बात सामने आई थी।
हत्याकांड की जांच में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया, जब घटना के करीब आठ दिन बाद रेणु देवी का सिर बरामद हुआ। हालांकि, सिर मिलने के बाद भी उसकी पहचान की वैज्ञानिक पुष्टि जरूरी थी।इसके लिए मृतका की मां सीता मौसमाता का डीएनए नमूना लिया गया। बरामद सिर से प्राप्त नमूने का डीएनए मिलान कराया गया, जिससे मृतका की पहचान की पुष्टि करने में मदद मिली।इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डीएनए जांच जैसे वैज्ञानिक साक्ष्य महत्वपूर्ण साबित हुए। सिर कटा शव मिलने के कारण पहचान में आ रही कठिनाइयों को दूर करने में डीएनए जांच की अहम भूमिका रही।
अदालत ने दोषी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान बताया गया है। मामले में उमेश पासवान, अरविंद पासवान, बिच्छू पासवान, कोयलो देवी और मुन्नी देवी के नाम सामने आने की जानकारी दी गई है।
रेणु देवी हत्याकांड में शव की बरामदगी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गायब सिर की तलाश और डीएनए मिलान जांच के अहम पड़ाव रहे। सिर कटा शव मिलने के कारण मृतका की पहचान स्थापित करना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था। ऐसे में मां के डीएनए नमूने से मिलान ने पहचान की पुष्टि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 3

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: