
@ थोक में ₹60 तो खुदरा बाजार में ₹70 किलो बिक रही चीनी।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। त्योहारों का मौसम है, लेकिन महंगाई ने आम आदमी की खुशियों पर एक बार फिर ग्रहण लगाना शुरू कर दिया है। चीनी की कीमतों में आए उछाल ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। मिठास के इस त्योहारी मौसम में चीनी के बढ़ते भाव लोगों के मुंह का जायका कड़वा करने लगे हैं। इतना ही नहीं, दाल, सरसों तेल और चना के भाव में भी तेजी के संकेत मिलने से आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। इससे पहले सावन माह में भी चीनी ने अपने तेवर दिखाए थे। फिलहाल, सभी दलहनों की कीमतों में 5-6 रुपये प्रति किलो का उछाल आ चुका है।
चीनी की मिठास महंगी, जेब पर पड़ रही भारी!

भागलपुर की थोक मंडी में फिलहाल चीनी का भाव करीब 60 रुपये प्रति किलो बताया जा रहा है। वहीं, शहर से लेकर गांव तक खुदरा बाजार में चीनी करीब 70 रुपये प्रति किलो बिक रही है। थोक और खुदरा भाव के बीच इस अंतर का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। त्योहारों में मिठाई, पकवान और अन्य व्यंजनों की तैयारी भी अब महंगी पड़ने लगी है।
बेड टी पर कैंची, मेहमाननवाजी की मिठास भी गायब!
महंगाई का असर अब लोगों की रोजमर्रा की आदतों पर भी दिखने लगा है। सुबह की बेड टी में कटौती होने लगी है। वहीं, मेहमानों के स्वागत-सत्कार में भी खर्च बचाने की नौबत आने लगी है। चाय-पानी की पारंपरिक मेहमाननवाजी पर महंगाई की मार पड़ रही है। आम परिवारों के लिए अब हर खर्च का हिसाब लगाना मजबूरी बनता जा रहा है।
दाल, सरसों तेल और चना के भाव भी दिखा रहे तेवर

चीनी की कीमतों में उछाल के बीच दाल, सरसों तेल और चना के भाव में भी तेजी के संकेत मिल रहे हैं। यदि इन खाद्य पदार्थों की कीमतें और बढ़ती हैं, तो घरेलू बजट पर दबाव और बढ़ सकता है। पहले से ही महंगाई से जूझ रहे मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए रसोई चलाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
त्योहारों की रौनक पर महंगाई का साया
त्योहारों में खानपान से लेकर मेहमाननवाजी तक, हर चीज पर खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में चीनी के बढ़ते भाव और अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब सवाल यह है कि त्योहारों के इस मौसम में बाजार की महंगाई पर कब लगाम लगेगी और आम लोगों को राहत कब मिलेगी?















