


फ्लू के मामलों ने बढ़ाई स्वास्थ्य विभाग की चिंता
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। भागलपुर में दो कोविड-19 मरीज मिलने और लंबे समय तक बुखार, खांसी व फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में पिछले दो महीनों के दौरान 100 से अधिक ऐसे मरीज सामने आए हैं, जिनमें इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) के लक्षण पाए गए।
सिविल सर्जन डॉ. अशोक प्रसाद ने बताया कि कोविड संक्रमण के दो मामलों की पुष्टि के बाद जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को निगरानी बढ़ाने, मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग करने और आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। दोनों संक्रमित मरीजों की आरटी-पीसीआर जांच में पुष्टि हुई है और उनका इलाज जेएलएनएमसीएच के आईसीयू आइसोलेशन वार्ड में चल रहा है।
अस्पताल के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. राजकमल चौधरी ने बताया कि पिछले दो महीनों में 102 मरीज ऐसे मिले हैं, जिनमें लंबे समय तक फ्लू जैसे लक्षण बने रहे। इनमें दो मरीज कोविड पॉजिटिव पाए गए। अस्पताल ने ऐसे मरीजों के आंकड़े जुटाने और समय रहते पहचान व इलाज के लिए लॉन्ग कोविड सिम्पटम फ्रीक्वेंसी एनालिसिस (एलसीएसएफए) शुरू किया है।
अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार 38 मरीजों को 21 दिनों से अधिक समय तक बुखार रहा, 34 मरीज दो सप्ताह से ज्यादा समय तक तेज खांसी से पीड़ित रहे और 41 मरीजों में 14 दिनों से अधिक समय तक गंभीर फ्लू जैसे लक्षण बने रहे। इसके अलावा छह मरीजों में अत्यधिक कमजोरी, छह में भ्रम की स्थिति और आठ मरीजों में गंभीर मांसपेशियों में ऐंठन की शिकायत दर्ज की गई।
डॉक्टरों का कहना है कि लगातार बुखार, शरीर में दर्द, लंबे समय तक खांसी और गले का संक्रमण जैसे लक्षण कोविड संक्रमण से मिलते-जुलते हैं। ऐसे में छोटे बच्चों, बुजुर्गों तथा अस्थमा या पहले से श्वसन संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को पर्याप्त आरटी-पीसीआर जांच, दवाओं की उपलब्धता और संवेदनशील मरीजों के त्वरित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, दोनों कोविड संक्रमित मरीजों के घरों के आसपास, विशेषकर लालूचक और आसपास के इलाकों में रिंग सर्विलांस शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य टीमें पांच किलोमीटर के दायरे में सैकड़ों घरों से सैंपल लेकर कोविड और आईएलआई के संभावित मामलों की पहचान में जुटी हैं।
















