


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। सांस्कृतिक संस्था आलय के सहयोग से जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय, भागलपुर और भागलपुर संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को भागलपुर संग्रहालय के प्रेक्षागृह में चर्चित हिंदी लघु फिल्म ‘सूर्यमुखी’ की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी-सहायक संग्रहालय अध्यक्ष अंकित रंजन ने किया। स्क्रीनिंग में कलाप्रेमियों, साहित्यकारों, स्थानीय कलाकारों, फिल्मकारों और सिनेमा में रुचि रखने वाले युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

फिल्म ‘सूर्यमुखी’ का निर्देशन सुमित कुमार सिंह ने किया है, जबकि मुकेश राम ने मुख्य भूमिका निभाई है। भागलपुर की सांस्कृतिक संस्था आलय से जुड़े कलाकार आलोक और मिथिलेश ने भी फिल्म में प्रभावशाली अभिनय किया है। हिंदी में निर्मित यह लघु फिल्म राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में अपनी पहचान बना रही है। फिल्म को विभिन्न समारोहों में बेस्ट सिनेमा, बेस्ट डायरेक्शन और बेस्ट सिनेमेटोग्राफी सहित कई श्रेणियों में पुरस्कार मिल चुके हैं।
फिल्म को कोलंबिया के नैनोकॉन फिल्म फेस्टिवल में ‘बेस्ट ऑफ शो’ सहित सम्मान प्राप्त हुआ है। इसके अलावा Films That Move, Virginia, Lucknow Film Festival, Cine Dreams International Film Festival, Mumbai तथा Jagran Film Festival के लिए भी इसका चयन हुआ है।
स्क्रीनिंग के बाद संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें फिल्म के निर्देशक, निर्माता, अभिनेता और निर्माण से जुड़े कलाकारों से दर्शकों ने कहानी, निर्देशन, अभिनय, सिनेमेटोग्राफी और फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को लेकर सवाल किए। फिल्म की टीम ने दर्शकों के प्रश्नों का जवाब देते हुए अपने अनुभव साझा किए। इससे उन्हें फिल्म निर्माण की व्यावहारिक चुनौतियों और संभावनाओं को समझने का अवसर मिला।
इस अवसर पर अंकित रंजन ने कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार की फिल्म पॉलिसी और बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम लिमिटेड के सिंगल विंडो सिस्टम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार में फिल्म निर्माण को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है और राज्य में नई फिल्मों की शूटिंग भी हो रही है। उन्होंने स्थानीय फिल्मकारों और कलाकारों से सरकार की इन योजनाओं और अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। भागलपुर में फिल्म शूटिंग की अपार संभावनाएं हैं। क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत, समृद्ध लोक संस्कृति, कला, प्राकृतिक परिवेश और सामाजिक जीवन फिल्मकारों को विविध विषय उपलब्ध कराते हैं। स्थानीय फिल्म निर्माता, अभिनेता और अन्य कलाकार बिहार, खासकर भागलपुर की संस्कृति, इतिहास और विरासत पर आधारित फिल्मों का निर्माण कर सकते हैं। ऐसे रचनात्मक प्रयासों को स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
फिल्म निर्देशक सुमित कुमार सिंह ने भागलपुर में फिल्म की स्क्रीनिंग आयोजित किए जाने पर जिला प्रशासन और कला एवं संस्कृति विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में राजीव कांत मिश्रा, आलय के सचिव शशि रंजन, डॉ. चैतन्य प्रकाश, मनोज कुमार सिंह, सोनी भारती, गौतम यादव, रमन कर्ण सहित बड़ी संख्या में कलाप्रेमी, साहित्यकार, कलाकार और फिल्म क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।

















