



भागलपुर। जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल से जुड़ी एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। खगड़िया जिले के भरतखंड थाना क्षेत्र अंतर्गत भरतखंड गांव में 70 वर्षीय राम बिलास राय की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना को लेकर जहां मृतक के परिजन पांच लाख रुपये की रंगदारी से इनकार करने पर हत्या किए जाने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं स्थानीय पुलिस इसे जमीनी विवाद से जोड़कर देख रही है।

परिजनों के अनुसार, घटना के दिन अचानक पांच लोग राम बिलास राय के घर पहुंचे। सभी आरोपी हथियारों से लैस थे। आरोप है कि आते ही उन्होंने रंगदारी की मांग को लेकर विवाद शुरू कर दिया। इसी दौरान आरोपियों ने कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे राम बिलास राय गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। हमलावरों के पास कई हथियार होने के कारण आसपास मौजूद लोग चाहकर भी बीच-बचाव नहीं कर सके। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल राम बिलास राय को तत्काल भागलपुर स्थित मायागंज अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घर में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

घटना के बाद पूरे भरतखंड गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों और मृतक के परिजनों में घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। परिजनों ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि पिछले कुछ समय से राम बिलास राय से लगातार पांच लाख रुपये की रंगदारी की मांग की जा रही थी और इसी दबाव के चलते उनकी हत्या कर दी गई। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस ने शिकायत पर ठोस कार्रवाई की होती तो इस बुजुर्ग की जान बचाई जा सकती थी।
वहीं दूसरी ओर, स्थानीय पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मामला जमीनी विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। परिजनों के बयान, स्थानीय लोगों से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल भरतखंड थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि दोषियों की पहचान कर जल्द ही गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पुलिस रंगदारी के आरोप को कितनी गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाती है।













