


@ 16वें परिनियमित अधिवेशन में डॉ. संतोष कुमार अध्यक्ष और डॉ. प्रशांत कुमार महासचिव निर्वाचित, शिक्षक एकता और संगठन की मजबूती का लिया संकल्प।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। शिक्षक संगठनों के सामने बदलते दौर की चुनौतियां, घटती शिक्षक संख्या और शिक्षकों को अलग-अलग खेमों में बांटने की कोशिशों के बीच भागलपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (भूटा) ने नई टीम के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया है। टी.एन.बी. विधि महाविद्यालय, भागलपुर में आयोजित संघ के 16वें परिनियमित अधिवेशन में नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन हुआ। एस.एस.वी. महाविद्यालय, कहलगांव के डॉ. संतोष कुमार को अध्यक्ष और टी.एन.बी. विधि महाविद्यालय के डॉ. प्रशांत कुमार को महासचिव चुना गया।

अधिवेशन में एआईफुक्टो के उपाध्यक्ष एवं मुंगेर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के महासचिव डॉ. हरिश्चंद्र शाही पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे। भूटा के पूर्व महासचिव डॉ. दुर्गा शरण सिंह, डॉ. आनंद कुमार, डॉ. कामेश्वर बागवे, डॉ. अरविन्द पंजीयारा समेत कई वरिष्ठ एवं पूर्व पदाधिकारियों की उपस्थिति ने अधिवेशन को अनुभव और मार्गदर्शन का मंच बनाया।
इसी क्रम में पूर्व प्राचार्य एवं भूटा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मिहिर मोहन मिश्र ‘सुमन’ को सर्वसम्मति से प्रधान संरक्षक चुना गया।
नई कार्यकारिणी में किसे मिली कौन-सी जिम्मेदारी
उपाध्यक्ष: डॉ. राकेश रंजन – सबौर महाविद्यालय,डॉ. शैलेंद्र कुमार – जेपी कॉलेज, डॉ. दिव्य प्रियदर्शी – जी.बी. कॉलेज, नवगछिया, डॉ. शत्रुघ्न कुमार – एस.एस.वी. कॉलेज, कहलगांव
संयुक्त सचिव: डॉ. मोहम्मद शहाबुद्दीन – सबौर महाविद्यालय,डॉ. सुरेश बिंद – पी.वी.एस. कॉलेज, बांका,डॉ. सुनीता कुमारी – टी.एन.बी. विधि महाविद्यालय, डॉ. अंबिका कुमार – बी.एन. कॉलेज, भागलपुर, सहायक सचिव: डॉ. राकेश कुमार – मुरारका महाविद्यालय।
क्षेत्रीय मंत्री: प्रो. मुसर्रत हुसैन, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. दिलीप कुमार चौधरी एवं डॉ. राणा रणजीत।
कार्यकारिणी सदस्य: डॉ. गोलक मंडल, डॉ. राजेश ठाकुर, डॉ. सुमन कुमार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अजय कुमार, डॉ. आर.के. श्रीवास्तव, डॉ. पुलकित मंडल, डॉ. आशीष कुमार एवं डॉ. रंजना कुमारी।
अधिवेशन का सबसे महत्वपूर्ण संदेश केवल नई कार्यकारिणी का गठन नहीं, बल्कि शिक्षक एकता को मजबूत करने की जरूरत रहा। भूटा के वरिष्ठ सदस्य एवं पूर्व महासचिव डॉ. दुर्गा शरण सिंह ने कहा कि शिक्षक संगठनों के सामने वर्तमान समय में कई गंभीर चुनौतियां हैं। इनका सामना तभी संभव है, जब शिक्षक संगठन मजबूत, सक्रिय और व्यापक हो।
डॉ. कामेश्वर बागवे ने कहा कि शिक्षक संघों से जुड़ने के शुरुआती दौर की तुलना में आज परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। भूटा के पूर्व अध्यक्ष एवं मार्गदर्शक मंडल के सदस्य डॉ. मिहिर मोहन मिश्र ‘सुमन’ ने कहा कि उनके लिए यह दिन विशेष संतोष का है। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ उनके ऊपर बचा दायित्व पूरा हुआ।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. मिहिर मोहन मिश्र ‘सुमन’ ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए शिक्षकों, पर्यवेक्षकों, पूर्व पदाधिकारियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार जताया।
















