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म्यूल बैंक खातों के जरिए हो रही थी साइबर ठगी, कई राज्यों में दर्ज हैं शिकायतें

नवगछिया । साइबर थाना नवगछिया पुलिस ने साइबर ठगी में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों की जांच के दौरान एक बड़े साइबर नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मामले में कुल सात लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपितों के बैंक खातों का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया जा रहा था। मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

जानकारी के अनुसार बिहार पुलिस मुख्यालय से प्राप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना नवगछिया में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार वर्मा को तीन संदिग्ध बैंक खातों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन खातों के विरुद्ध राजस्थान, गुजरात, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज हैं।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना की टीम ने खाताधारकों का भौतिक सत्यापन शुरू किया। जांच के दौरान मखातकिया निवासी तवरेज भाट ने पुलिस को बताया कि उसे सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर बैंक खाता खुलवाया गया था। बाद में उसका पासबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम किसी अन्य व्यक्ति ने अपने कब्जे में ले लिया, जिसका उपयोग साइबर अपराध में किया गया।

इसी तरह नगरपारा निवासी राजेश कुमार ने स्वीकार किया कि उसने अपना एटीएम कार्ड और सिम कार्ड अपने परिचित व्यक्ति को दे दिया था। बाद में उसी का उपयोग साइबर ठगी के लेन-देन में किया गया। वहीं प्रोफेसर कॉलोनी निवासी राहुल कुमार ने भी पुलिस को बताया कि उसका बैंक खाता दूसरे लोगों के नियंत्रण में था और उसे खाते के वास्तविक उपयोग की जानकारी नहीं थी।

जांच के दौरान पुलिस को जोनिया नगर निवासी गुलशन मंडल और उसके पिता संजय मंडल की भूमिका संदिग्ध लगी। इसके बाद पुलिस टीम ने गुलशन मंडल के घर पर छापेमारी की, लेकिन वह मौके से फरार मिला। हालांकि पुलिस ने उसके पिता संजय मंडल को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुईं।

साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में तवरेज भाट, राहुल कुमार, राजेश कुमार, गुलशन मंडल, संजय मंडल, अंकुश कुमार सिंह तथा शुभम कुमार सिंह को आरोपी बनाया है। सभी के विरुद्ध साइबर अपराध से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तवरेज भाट, राजेश कुमार, राहुल कुमार और संजय मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। वहीं फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।

साइबर थाना के अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी आम लोगों के बैंक खाते, एटीएम कार्ड और मोबाइल सिम का उपयोग कर अवैध लेन-देन करते हैं। कई लोग लालच या अज्ञानता में अपने दस्तावेज और बैंकिंग सुविधाएं दूसरों को सौंप देते हैं, जिसके कारण वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ जाते हैं।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें। ऐसा करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है और साइबर ठगी के मामलों में खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई का सामना कर सकते हैं।

 

नवगछिया साइबर थाना की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति तक पहुंचने के लिए जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।

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