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विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद जलमार्ग को बनाया जा रहा वैकल्पिक सहारा

नवगछिया : विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद भागलपुर, नवगछिया एवं सीमांचल के कई जिलों के बीच सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है। आवागमन बाधित होने से आम लोगों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों और माल ढुलाई पर भी असर पड़ा है। ऐसे में जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में जलमार्ग परिवहन को मजबूत करने की दिशा में तेजी से पहल शुरू कर दी है।


इसी कड़ी में शार्क शिपिंग कंपनी  के चार बड़े मालवाहक जहाज रविवार से गंगा नदी में परिचालन शुरू कर सकते हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर तिनटंगा करारी घाट से कहलगांव गंगा घाट तक जहाज सेवा शुरू करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है।

बुधवार को शार्क शिपिंग कंपनी के निदेशक जिया खान, मोहम्मद अशरफ रजा, तनवीर आलम तथा अंचल कार्यालय के नाजिर ललन कुमार ने संयुक्त रूप से दोनों घाटों का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जहाज संचालन से जुड़ी तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।

कंपनी के निदेशक अरशद रजा ने बताया कि एक मालवाहक जहाज में एक बार में लगभग 33 वाहनों को ले जाने की क्षमता होगी। उन्होंने कहा कि तिनटंगा घाट से कहलगांव तक की दूरी जहाज लगभग 30 मिनट में पूरी करेगा, जिससे लोगों को काफी राहत मिलेगी।

उन्होंने बताया कि जहाज सेवा के लिए किराया दर भी निर्धारित कर दी गई है। साथ ही मानवता के दृष्टिकोण से एंबुलेंस सेवा को पूरी तरह नि:शुल्क रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि गंभीर मरीजों को आपातकालीन स्थिति में किसी प्रकार की परेशानी न हो।


प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शुक्रवार से घाट पर स्लोपिंग कार्य शुरू होने की संभावना है। घाटों को इस तरह तैयार किया जा रहा है ताकि भारी वाहन भी आसानी से जहाज पर चढ़ और उतर सकें।

प्रशासन और कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि जहाज सेवा शुरू होने के बाद क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही व्यापार, माल परिवहन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी पहले की तुलना में अधिक सुगम हो सकेगी।

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