


संभावित बाढ़ खतरे को देखते हुए प्रशासनिक सक्रियता तेज
नवगछिया के गंगा एवं कोसी नदी से संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए गोपालपुर प्रखंड स्थित ब्रह्मोतार बांध की मरम्मत को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। ग्रामीणों द्वारा बांध की जर्जर स्थिति को लेकर दिए गए आवेदन पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए जल संसाधन विभाग को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया था। इसके बाद मंगलवार को जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता जयप्रकाश पासवान एवं अंचलाधिकारी रोशन कुमार ने ब्रह्मोतार बांध का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने तटबंध के क्षतिग्रस्त हिस्सों का जायजा लिया तथा बांध की तकनीकी स्थिति की जांच की। अधिकारियों ने संभावित कमजोर स्थानों को चिन्हित कर आवश्यक मरम्मत कार्य को लेकर जानकारी प्राप्त की।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि हर वर्ष गंगा एवं कोसी नदी के बढ़ते दबाव के कारण तटबंध कमजोर हो जाता है, जिससे आसपास के गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है। ग्रामीणों ने समय रहते स्थायी मरम्मत कार्य कराने की मांग की।
ग्रामीण सह हाईकोर्ट अधिवक्ता मुकेश कुमार ने कहा कि यदि समय पर बांध की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में कई गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी गोपालपुर प्रखंड मुख्यालय समेत रंगरा क्षेत्र के कई गांव बाढ़ से प्रभावित हुए थे, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।

उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण जान-माल की क्षति के साथ किसानों की बड़ी मात्रा में फसलें भी बर्बाद हो गई थीं। यदि ब्रह्मोतार तटबंध को सुरक्षित नहीं किया गया तो आम जनता की परेशानियां बढ़ने के साथ-साथ सरकारी खजाने पर भी अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि बांध की स्थिति की रिपोर्ट तैयार कर वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी तथा आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।















