


भागलपुर। छोटी-छोटी बीमारियों के लिए दवा की दुकान तक दौड़ लगाने की आदत को बदलने और गांवों में प्राकृतिक चिकित्सा की परंपरा को फिर से जीवंत करने की दिशा में बैजानी से एक नई पहल शुरू होने जा रही है। दिशा ग्रामीण विकास मंच, गांधीधाम, बैजानी के तत्वावधान में 5 और 6 अगस्त को दो दिवसीय निःशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा शिविर आयोजित किया जाएगा।
शिविर का उद्घाटन 5 अगस्त को पूर्व कुलपति प्रो. मनोज कुमार करेंगे। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

इस शिविर की खास बात केवल रोगियों का उपचार नहीं, बल्कि गांव के युवाओं को प्राकृतिक चिकित्सा का प्रशिक्षण देना भी है। वर्धा (महाराष्ट्र) से आए प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. धनंजय कुटेमाटे और छत्तीसगढ़ से डॉ. रितेश हालदार रोगियों की जांच कर प्राकृतिक उपचार के सरल एवं व्यावहारिक उपाय बताएंगे।
डॉ. धनंजय कुटेमाटे का कहना है कि प्राकृतिक चिकित्सा का उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति आत्मनिर्भर बनाना है। उनका मानना है कि यदि लोगों को सही जानकारी और प्रशिक्षण मिले तो कई सामान्य बीमारियों का समाधान घर-परिवार और प्रकृति के संसाधनों से ही संभव है।
शिविर में भागलपुर के प्रसिद्ध वैद्य देवेंद्र कुमार गुप्त भी अपने आवश्यक उपकरणों के साथ मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी ने स्वस्थ जीवन के लिए प्राकृतिक चिकित्सा को विशेष महत्व दिया था और उसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। यदि स्थानीय लोगों का सहयोग मिला तो बैजानी में प्राकृतिक चिकित्सा का एक स्थायी केंद्र स्थापित करने की योजना है, जहां नियमित प्रशिक्षण और स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पहल के तहत पंचायत क्षेत्र में एक देशी गाय की गौशाला की भी स्थापना की गई है, ताकि प्राकृतिक एवं पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में आवश्यक संसाधन विकसित किए जा सकें।
आयोजकों का मानना है कि यह शिविर केवल स्वास्थ्य सेवा का कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण समाज को प्राकृतिक जीवनशैली और स्वावलंबी स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर प्रेरित करने का एक प्रयास है।

















