


बरुण बाबुल,जीएस न्यूज़
नवगछिया : अनुमंडलीय अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में शनिवार को एक साथ बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने से अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। अचानक बढ़ी भीड़ और गंभीर मरीजों की स्थिति को देखते हुए अस्पताल कर्मियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। लेकिन इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात चिकित्सक डॉक्टर कुतुब राही एवं उनके सहयोगियों ने साहस, धैर्य और तत्परता का परिचय देते हुए स्थिति को संभाल लिया।

इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर कुतुब राही के साथ सहायक पंकज कुमार, अखिलेश कुमार, अभिषेक कुमार एवं रतन झा लगातार मरीजों की सेवा में जुटे रहे। सभी ने मिलकर एक-एक मरीज का इलाज किया और गंभीर मरीजों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। इस दौरान अस्पताल परिसर में काफी भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों ने बिना घबराए लगातार कार्य किया।
चिकित्सक डॉक्टर कुतुब राही ने बताया कि सहायक पंकज कुमार ने विशेष साहस और मेहनत का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि पंकज कुमार अकेले करीब तीन घंटे तक लगातार सेवा में लगे रहे। इस दौरान उन्होंने मरीजों की ड्रेसिंग, पट्टी एवं अन्य आवश्यक कार्य किए। डॉक्टर ने कहा कि सभी कर्मियों की मेहनत और टीमवर्क की बदौलत ही एक साथ इतने मरीजों के इमरजेंसी में आने के बावजूद स्थिति को संभाला जा सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्वास्थ्यकर्मी लगातार मरीजों और उनके परिजनों को संभालते नजर आए। कोई दवा की व्यवस्था में लगा था तो कोई मरीजों को स्ट्रेचर एवं प्राथमिक उपचार उपलब्ध करा रहा था। अस्पताल के गार्ड भी भीड़ को नियंत्रित करने और चिट्ठा बनाने में जुटे रहे, ताकि इलाज की प्रक्रिया बाधित न हो।

गौरतलब है कि अनुमंडलीय अस्पताल में अक्सर अव्यवस्था और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रहती हैं, लेकिन इस बार डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा दिखाई गई सेवा भावना और तत्परता ने लोगों का दिल जीत लिया। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में जिस प्रकार पूरी टीम ने मिलकर कार्य किया, वह काबिल-ए-तारीफ है।
घटना के बाद डॉक्टर कुतुब राही, पंकज कुमार, अखिलेश कुमार, अभिषेक कुमार एवं रतन झा की कार्यशैली और सेवा भावना की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।
















