


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। फरवरी माह की पेंशन का भुगतान अब तक नहीं होने और अगस्त माह का आवंटन रोके जाने के विरोध में शिक्षकों एवं कर्मचारियों का आक्रोश सोमवार को खुलकर सामने आया। लंबित पेंशन और आवंटन के मुद्दे को लेकर मंच के संयोजक पवन कुमार सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक एवं संबंधित कर्मी अधिकारियों के कार्यालय पहुंचे और घेराव कर अपनी नाराजगी जताई।वीसी नहीं थे। कुलसचिव और वित्त पदाधिकारी का घेराव किया गया। वे दोनों कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दे सके।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पेंशन और आवंटन जैसे आवश्यक वित्तीय मामलों के लंबित रहने से संबंधित लोगों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे पेंशनभोगियों के बीच भी इसको लेकर असंतोष बढ़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को शिक्षकों ने एकजुट होकर अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखी।
फरवरी की पेंशन को लेकर नाराजगी:
शिक्षकों और कर्मचारियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि फरवरी माह की पेंशन का भुगतान लंबित है। इसके अलावा अगस्त माह का आवंटन भी नहीं मिलने से वित्तीय व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि नियमित भुगतान और समय पर आवंटन प्रशासनिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है। ऐसे में इसे लंबे समय तक लंबित रखना संबंधित लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
मंच के संयोजक पवन कुमार सिंह के नेतृत्व में हुए इस घेराव में विभिन्न कॉलेजों और विभागों से जुड़े शिक्षक एवं कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों के समक्ष लंबित मामलों का शीघ्र समाधान कराने की मांग रखी गई।

कई कॉलेजों के शिक्षक हुए शामिल:
घेराव में भागलपुर और आसपास के विभिन्न महाविद्यालयों से जुड़े शिक्षक एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। उपलब्ध सूची के अनुसार अमरेन्द्र कुमार सिंह, पवन कुमार सिंह, दामोदर चन्द्र मिश्रा (सबौर कॉलेज), मिथिलेश कुमार सिन्हा (टीएनबी कॉलेज, भागलपुर), वीरेन्द्र कुमार सिंह (मुरारका कॉलेज, बेट्टनगंज), जापान कुमार घोष (पीजी विभाग), जगदीश प्रसाद शर्मा, विनोद कुमार वर्मा (कॉमर्स विभाग, मारवाड़ी कॉलेज), विभाष चन्द्र ठाकुर (टीएनबी कॉलेज), के.सी. चकला, जी.डी. चौधरी, अनिल कुमार मंडल (एमएएम कॉलेज, नवगछिया), शिव कुमार झिलका (बीएन कॉलेज, भागलपुर), रवि शरण ठाकुर (कोशी कॉलेज), देव नारायण साह, अजिताभ घोष (अंग्रेजी विभाग, मारवाड़ी कॉलेज, भागलपुर), अयूब पद्धर, हबीब कुमार शर्मा, सुगमा गुप्ता (एमएएम कॉलेज, नवगछिया) सहित कई लोगों के नाम सूची में शामिल हैं।
भुगतान में देरी पर उठे सवाल:
शिक्षकों का कहना है कि पेंशन भुगतान में देरी केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया का विषय नहीं है, बल्कि इससे सीधे तौर पर उन लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित होता है, जिनकी आर्थिक निर्भरता नियमित पेंशन पर है। वहीं अगस्त माह का आवंटन रुकने से आगे की वित्तीय प्रक्रिया को लेकर भी चिंता बढ़ी हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों से मांग की कि फरवरी की लंबित पेंशन का भुगतान जल्द कराया जाए तथा अगस्त माह का आवंटन तत्काल जारी किया जाए, ताकि भुगतान से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो सके।
आंदोलन तेज करने के संकेत:
सोमवार को अधिकारियों के घेराव के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। शिक्षकों और कर्मचारियों का कहना है कि यदि लंबित भुगतान एवं आवंटन के मामले का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जा सकता है।
















