


@ सम्मेलन की मुख्य अतिथि नगर निगम की महापौर वसुंधरा लाल होंगी, जबकि अध्यक्षता विख्यात गांधीवादी लेखिका सुजाता चौधरी करेंगी।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। महात्मा गांधी के भागलपुर आगमन के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में 7 से 9 अगस्त तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय राष्ट्रीय समारोह के दौरान ‘महिला शक्ति संकल्प सम्मेलन’ आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगा। यह सम्मेलन गांधी के उस ऐतिहासिक संदेश को नए दौर में आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा, जो उन्होंने 1925 में भागलपुर की महिलाओं को शिक्षा, जागरूकता और अंधविश्वास से मुक्ति के लिए दिया था।
सम्मेलन की मुख्य अतिथि नगर निगम की महापौर वसुंधरा लाल होंगी, जबकि अध्यक्षता विख्यात गांधीवादी लेखिका सुजाता चौधरी करेंगी। कार्यक्रम का संचालन लता प्रसार करेंगी। स्वागत भाषण ऊषा सिन्हा और मृदुला सिंह देंगी। मुख्य वक्ताओं में अर्पणा कुमारी, संतोष बंसल, पुष्पा सिन्हा, रत्ना भदौरिया, सौमित्री नारायण भट्टाचार्य, समिता जेना, लीला पवार और डॉ. सिंधु कुमारी शामिल होंगी।
इसकी जानकारी गांधी शांति प्रतिष्ठान में आयोजित तैयारी बैठक में महिला सम्मेलन की संयोजक मृदुला सिंह की अध्यक्षता में प्रसून लतांत और सुधीर मंडल ने दी। बैठक में सम्मेलन में अधिकाधिक महिला भागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि सामान्य महिलाओं के साथ-साथ जीविका समूहों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया जाएगा, ताकि महिला सशक्तिकरण की चर्चा समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सम्मेलन में राष्ट्रीय स्तर के महिला मुद्दों के साथ-साथ स्थानीय समस्याओं पर भी गंभीर विमर्श होगा। सम्मेलन को स्वतंत्रता सेनानी चंपकलता देवी, आशा भारती, कादम्बिनी गांगुली और रैंकिया बानू की स्मृति को समर्पित किया जाएगा।
तैयारी बैठक में प्रकाश चंद्र गुप्ता, डॉ. मनोज, डॉ. सुधीर मंडल, सुनील अग्रवाल, उमेश प्रसाद नीरज, संजय कुमार, अनीता शर्मा, मृदुला सिंह, ऊषा सिन्हा, यास्मीन बानो, अनीता मित्र, उजमा असर, सागर शर्मा, वासुदेव भाई, कर्ण कुमार राणा, नीरज कुमार, अरविंद कुमार रामा और मनीष आर्यन सहित कई लोग उपस्थित रहे।
खास बात: ठीक 100 वर्ष पहले, 1925 में महात्मा गांधी ने भागलपुर में महिलाओं की विशाल सभा को संबोधित करते हुए उन्हें शिक्षा, आत्मनिर्भरता और अंधविश्वास से मुक्त समाज निर्माण का संदेश दिया था। अब उसी ऐतिहासिक विरासत को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से यह राष्ट्रीय महिला शक्ति संकल्प सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।

















