
@ परंपरा, साहस और सामूहिक उल्लास का संगम बनी प्रतियोगिता, अनठावन दियारा के प्रतिभागियों ने तीनों स्थानों पर जमाया कब्जा।
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा की लहरें थीं, चप्पुओं की थाप थी, किनारों पर उमड़ा जनसैलाब था और नावों को सबसे आगे निकाल ले जाने का जुनून! दुर्गा पूजा की पंचमी के पावन अवसर पर भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड अंतर्गत रानीदियारा गंगा तट पर कुछ ऐसा ही रोमांचक नजारा देखने को मिला, जब पारंपरिक नौका दौड़ प्रतियोगिता में गंगा की लहरें ग्रामीण उत्साह और साहस की गवाह बनीं। प्रतियोगिता में प्रकाश महतो ने अपनी प्रतिभा और दमखम का परिचय देते हुए प्रथम स्थान पर कब्जा जमाया।

इस पारंपरिक प्रतियोगिता में कुल दस नाविकों की टीमों ने हिस्सा लिया। गंगा की धार पर आगे निकलने की होड़, चप्पुओं की लय और दर्शकों के उत्साह ने पूरे माहौल को रोमांच से भर दिया। कड़े मुकाबले में छंगुरी मंडल ने दूसरा और कैलाश चौधरी ने तीसरा स्थान हासिल किया। खास बात यह रही कि तीनों स्थानों पर अनठावन दियारा के प्रतिभागियों ने अपना परचम लहराया और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया।
रानीदियारा की यह नौका दौड़ महज एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही लोक-परंपरा, ग्रामीण जीवनशैली और मां गंगा के प्रति अटूट आस्था का जीवंत उत्सव है। यह आयोजन उस सांस्कृतिक विरासत की याद दिलाता है, जिसमें नदी केवल जलधारा नहीं, बल्कि जीवन, आजीविका, विश्वास और सामुदायिक एकता का आधार है।
प्रतियोगिता के समापन पर अतिथियों ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रकाश महतो को एलसीडी टीवी के साथ 1,000 रुपये, द्वितीय स्थान पर रहे छंगुरी मंडल को साइकिल के साथ 1,000 रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कैलाश चौधरी को टेबल फैन के साथ 1,000 रुपये प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पीरपैंती विधायक मुरारी पासवान उपस्थित रहे। उनके अलावा जिला परिषद सदस्य जनार्दन आजाद, मुखिया प्रतिनिधि मनोहर मंडल, महादेव मंडल, कहलगांव मुखिया संघ के अध्यक्ष सुभाष यादव, पूर्व पंसस उदय मंडल, भरत भूषण यादव, पूर्व मुखिया अरविंद मंडल, राजद नेता अशोक राम, पैक्स अध्यक्ष निरंजन तथा रंधीर यादव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक सुनील सौरभ और वीरेंद्र मंडल ने किया। प्रतियोगिता को सफल बनाने में मणिकांत मंडल, राकेश यादव, रंजीत मंडल, सुमित कुमार और बिलास मंडल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
















