


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बिहार में गंगा और कोसी का तेवर एक बार फिर चिंता बढ़ाने लगा है। बुधवार दोपहर 2 बजे की जलस्तर रिपोर्ट में कहलगांव में गंगा खतरे के निशान से 0.81 मीटर ऊपर बहती मिली। यह राज्य के दर्ज 31 प्रमुख जलमापी केंद्रों में खतरे के निशान के मुकाबले सबसे अधिक बढ़ा हुआ जलस्तर है।
पटना के गांधीघाट पर भी गंगा खतरे के निशान से 0.80 मीटर ऊपर है, जबकि हथीदह में 0.78 मीटर और दीघाघाट में 0.11 मीटर ऊपर पानी दर्ज किया गया है।
कहलगांव में बढ़ता पानी, पटना में भी दबाव:
कहलगांव में गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 0.12 मीटर बढ़ा है। यानी नदी सिर्फ खतरे के निशान के ऊपर ही नहीं है, बल्कि पानी बढ़ने का सिलसिला भी जारी है। भागलपुर में भी गंगा के जलस्तर में 0.12 मीटर की वृद्धि दर्ज हुई है। मुंगेर में नदी 0.07 मीटर बढ़ी है। ऐसे में गंगा के किनारे बसे इलाकों में जलस्तर की निगरानी और सतर्कता जरूरी हो गई है।
कोसी भी दिखा रही तेवर:
गंगा के साथ कोसी का पानी भी कुछ स्थानों पर ऊपर चढ़ा है। बसुआ में जलस्तर 0.08 मीटर और कुर्सेला में 0.19 मीटर बढ़ा है। कुर्सेला में कोसी पहले से ही खतरे के निशान से 0.67 मीटर ऊपर बह रही है।
एक नजर में नदी का मिजाज:
कहलगांव में गंगा: खतरे के निशान से +0.81 मीटर

गांधीघाट, पटना: +0.80 मीटर
हथीदह: +0.78 मीटर
दीघाघाट: +0.11 मीटर
भागलपुर: 24 घंटे में +0.12 मीटर
मुंगेर: 24 घंटे में +0.07 मीटर
कोसी, बसुआ: 24 घंटे में +0.08 मीटर
कोसी, कुर्सेला: 24 घंटे में +0.19 मीटर
बिहार की नदियों की तस्वीर फिलहाल मिश्रित है, लेकिन गंगा के कुछ हिस्सों और कोसी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन के लिए अलर्ट की घंटी जरूर बजा दी है। खासकर कहलगांव और गांधीघाट में नदी का खतरे के निशान से करीब एक मीटर ऊपर पहुंचना आने वाले घंटों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत दिखाता है।
















