


पूर्णिया : ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर बुधवार को सीरत-उन-नबी कमेटी के बैनर तले जुलूस निकाला गया। जुलूस में सदर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी जितेंद्र यादव भी शामिल हुए। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों की सेवा के लिए महापौर विभा कुमारी एवं जितेंद्र यादव की ओर से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी लाइन बाजार में सेवा स्टॉल लगाया गया था।

जितेंद्र यादव सुबह से अपने समर्थकों के साथ सेवा स्टॉल पर मौजूद रहे और जुलूस में शामिल लोगों को पानी, शरबत एवं जूस पिलाकर सेवा की। उन्होंने जुलूस में शामिल लोगों का गर्मजोशी से स्वागत भी किया।
जुलूस की अगुवाई कर रहे मुफ्ती मो. जुबैर आलम सिद्दीकी, मौलाना कुतुबुद्दीन अशरफी, हाजी अहसान, कमेटी के सचिव मो. सोहेल जावेद उर्फ राजू भाई सहित अन्य लोगों का जितेंद्र यादव ने फूल-माला पहनाकर एवं अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया। इसके बाद वे जुलूस में शामिल होकर लोगों के साथ चलते रहे।
जुलूस रंगभूमि मैदान से निकलकर गिरजा चौक, जेल चौक, आरएन साह चौक, भट्ठा बाजार, लखन चौक, रजनी चौक, सहायक खजांची हाट, लाइन बाजार चौक, सदर अस्पताल, पंचमुखी मंदिर, फोर्ड कंपनी एवं गिरजा चौक होते हुए वापस रंगभूमि मैदान पहुंचकर समाप्त हुआ।
इस अवसर पर जितेंद्र यादव ने कहा कि नगर निगम की ओर से भी जुलूस को लेकर सड़कों की साफ-सफाई के साथ ब्लीचिंग पाउडर आदि का छिड़काव कराया गया था। जुलूस में बड़ी संख्या में दोनों समुदायों के लोगों की सहभागिता ने पूर्णिया की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की।
उन्होंने कहा कि ईद-ए-मिलादुन्नबी का अवसर मोहब्बत, इंसानियत, भाईचारे और आपसी सद्भाव का संदेश देता है। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब ने इंसानियत, समानता, नेकी और ईमानदारी की राह पर चलने का संदेश दिया, जो आज भी प्रासंगिक है। उनके बताए आदर्शों को जीवन में उतारने से समाज में आपसी प्रेम, शांति और सद्भाव को और मजबूत किया जा सकता है।

जितेंद्र यादव ने कहा, “ईद-ए-मिलादुन्नबी के मुबारक अवसर पर सभी मुस्लिम भाइयों एवं बहनों को दिली मुबारकबाद। यह दिन हमें मोहब्बत, इंसानियत, भाईचारे और आपसी सद्भाव का संदेश देता है। इस खास मौके पर लाइन बाजार में एक दिवसीय सेवा शिविर के माध्यम से अकीदतमंदों की सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। हमारा प्रयास है कि त्योहार के दौरान किसी को भी परेशानी न हो और सभी लोग शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में इस पवित्र पर्व को मनाएं। पूर्णिया की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारा हमेशा मजबूत बना रहे, यही हमारी कामना है।”
उन्होंने कहा कि पूर्णिया की पहचान हमेशा से आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के लिए रही है। इस परंपरा को और मजबूत करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मौके पर मुख्य रूप से मो. ताल्हा सालीम, रूफी तबरेज, इकबाल साहब, सोनू खान, डाबलू खान, अफाक आलम, चांद आलम, दिलीप चौधरी, नीतू दा सहित कई लोग मौजूद थे।
















