


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा पर आकार ले रहा समानांतर फोरलेन सेतु अब सिर्फ आवागमन को आसान बनाने वाली परियोजना नहीं रहेगा, बल्कि भागलपुर की नई पहचान और आकर्षण का केंद्र बनने की तैयारी में है। करीब 995 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 4.445 किलोमीटर लंबे फोरलेन सेतु को आधुनिक थीम लाइटिंग, सेल्फी प्वाइंट और दर्शक स्थल से सजाने की योजना है। इससे लोगों को पुल की खूबसूरती निहारने और शाम के समय कुछ पल बिताने का नया स्थान मिल सकेगा।
रंग बदलती रोशनी से रात में बदलेगा सेतु का रूप:

सेतु पर लगाई जाने वाली थीम लाइटिंग इसकी खूबसूरती को खास अंदाज देगी। समय के साथ रोशनी के रंग और दिशा बदलने की व्यवस्था की जाएगी। रात में रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता पुल भागलपुर के लिए नया नाइट-व्यू प्वाइंट बन सकता है।
21 हजार वर्गफीट के संग्रहालय में दिखेगा भागलपुर का इतिहास:
परियोजना की सबसे खास विशेषताओं में से एक सेतु के पास प्रस्तावित करीब 21 हजार वर्गफीट का संग्रहालय है। इसके निर्माण के लिए एनओसी मिल चुकी है। बरारी रेलवे स्टेशन के पास निर्माण एजेंसी ने पुरानी इमारत हटाकर काम शुरू कर दिया है।
संग्रहालय में भागलपुर और आसपास के क्षेत्र की ऐतिहासिक, धार्मिक और विकास यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा। यहां विक्रमशिला महाविहार, डॉल्फिन सेंचुरी, अजगैवीनाथ धाम और चंपानगर के जैन मंदिर समेत प्रमुख पर्यटन, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी मिलेगी। राष्ट्रीय राजमार्गों और उनके आसपास मौजूद महत्वपूर्ण धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
40 पिलर पर खड़ा होगा विशाल फोरलेन सेतु:
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की निगरानी में एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन एजेंसी द्वारा इस समानांतर फोरलेन पुल का निर्माण कराया जा रहा है। एक्स्ट्रा डोज केबल आधारित इस सेतु में कुल 40 पिलर बनाए जा रहे हैं।

निर्माण के लिए पुल के दोनों ओर अलग-अलग यार्ड तैयार किए गए हैं। बरारी यार्ड से 23 और नवगछिया की ओर बने यार्ड से 17 पिलर का निर्माण कराया जा रहा है। प्रत्येक पिलर के बीच करीब 100 से 110 मीटर की दूरी होगी, जबकि पिलर की चौड़ाई लगभग 9 से 11 मीटर रहने की योजना है।
नदी के बीच पिलर निर्माण शुरू करने से पहले जलस्तर और परिस्थितियों का आकलन किया जाएगा। सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद ही मशीनों और मजदूरों को नदी के बीच निर्माण कार्य के लिए भेजा जाएगा।
2028 तक पूरा होने की उम्मीद:
करीब 4.445 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन सेतु के तैयार होने से भागलपुर और नवगछिया के बीच यातायात व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि परियोजना को केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि आधुनिक रोशनी, दर्शक स्थल और संग्रहालय के माध्यम से इसे भागलपुर की पहचान और विरासत से जोड़ने की तैयारी है।
यदि योजना के अनुरूप काम आगे बढ़ा तो 2028 तक तैयार होने वाला यह सेतु दिन में यातायात की रफ्तार और रात में भागलपुर की खूबसूरती – दोनों का नया प्रतीक बन सकता है।
















