


बुलो मंडल पर भी बरसे पूर्व विधायक, कहा- जनता ने खदेड़ दिया, इलाके में एक्टिव नहीं हैं
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। भागलपुर की सियासत में गंगा का पानी भले उतरने का नाम ले रहा हो, लेकिन नेताओं के बीच जुबानी उफान थमने का नाम नहीं ले रहा। गोपालपुर के जदयू के पूर्व विधायक गोपाल मंडल ने गुरुवार को ऐसा सियासी बयान दिया कि राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। नवगछिया अस्पताल में मीडिया से मुखातिब गोपाल मंडल ने साफ कहा कि वह कांग्रेस में जाएंगे और पार्टी के लीडर बनेंगे। हालांकि साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि अभी उन्होंने कांग्रेस की औपचारिक सदस्यता नहीं ली है।
पूर्व विधायक ने कहा कि फिलहाल उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया के सामने कांग्रेस में जाने की बात कही है। आगे उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छा भी जाहिर कर दी। यानी विधानसभा से आगे अब नजर दिल्ली की कुर्सी पर है।

भतीजे की मौत की खबर पर अस्पताल पहुंचे, खुल गई सियासी पोटली:
गोपाल मंडल अपने भतीजे की गंगा में डूबने से मौत की सूचना मिलने के बाद नवगछिया अस्पताल पहुंचे थे। मौके पर मीडिया से बातचीत शुरू हुई तो बात परिवार के दुख से निकलकर सीधे बिहार सरकार, बाढ़, कटाव और फिर सियासत तक पहुंच गई।
उन्होंने कहा कि सरकार को सिर्फ बाढ़ और कटाव वाले इलाकों का निरीक्षण करने से काम नहीं चलेगा। स्थायी समाधान चाहिए। उनके मुताबिक हर साल पानी आता है, कटाव होता है, लोग परेशान होते हैं और नेता-मंत्री निरीक्षण कर लौट जाते हैं। सवाल यह है कि कटाव रोकने के लिए स्थायी इंतजाम आखिर कब होगा?
‘स्थिति देख रहे हैं’ से नहीं चलेगा काम:
गोपाल मंडल ने ऊर्जा मंत्री के पूर्व के बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कहना कि स्थिति देखी जा रही है और काम कराया जा रहा है, जनता के लिए कोई ठोस जवाब नहीं है। जनता जानना चाहती है कि कटाव रोकने के लिए सरकार की पक्की योजना क्या है। उनके निशाने पर सिर्फ सरकार ही नहीं रही। राघोपुर में बाढ़ से बचाव कार्य के दौरान हुए नाव हादसे में मजदूरों के लापता होने को लेकर भी उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को घेरा। आरोप लगाया कि लापता मजदूरों के परिजनों से मिलने तक कोई नेता नहीं पहुंचा।
मुआवजे पर भी सवाल:
गोपाल मंडल ने कहा कि गंगा में दो लोगों के डूबने से उनके परिवारों को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन अब तक मुआवजे के नाम पर उन्हें कुछ नहीं मिला। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हादसा हो गया और परिवार उजड़ गए तो राहत और मुआवजे में इतनी देरी क्यों?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के राघोपुर दौरे पर भी गोपाल मंडल ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बुलाकर लोगों के सामने चेहरा दिखा देने भर से समस्या का समाधान नहीं होगा। जरूरत है कि बाढ़ और कटाव का स्थायी इलाज हो तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और मुआवजा मिले।
बुलो मंडल पर बरसे, बोले- जनता ने खदेड़ दिया
गोपाल मंडल ने ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल को भी नहीं बख्शा। बिहपुर विधानसभा क्षेत्र में उनकी सक्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे अपने इलाके में एक्टिव नहीं हैं। गोपाल मंडल के मुताबिक ग्रामीणों ने उनका विरोध कर उन्हें इलाके से खदेड़ दिया।
उन्होंने बुलो मंडल को सलाह भी दे डाली कि क्षेत्र की टूटी-फूटी सड़कों को दुरुस्त कराएं। इससे जनता खुश होगी और जनप्रतिनिधि की छवि भी बेहतर होगी।
कुल मिलाकर, एक तरफ गंगा का पानी गांव-गांव में सियासत की नई कहानी लिख रहा है तो दूसरी तरफ गोपाल मंडल ने अपने बयान से भागलपुर की राजनीति में नया अध्याय खोल दिया है। कांग्रेस में जाने का ऐलान, लोकसभा लड़ने की इच्छा और बुलो मंडल पर हमला – गोपाल मंडल ने एक ही दिन में सियासी पिच पर कई शॉट खेल दिए। अब देखना है कि कांग्रेस का दरवाजा उनके लिए कब खुलता है और बुलो मंडल इस जुबानी गेंद का जवाब कब देते हैं।

















