


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) परिसर में पानी घुसने से कर्मचारियों और छात्रों की परेशानी बढ़ गई है। परिसर में जलजमाव की स्थिति के कारण रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है। कई कार्यालय और जगहों पर पानी जमा रहने से कर्मचारी और छात्र पानी के बीच से होकर अपने काम निबटाने को मजबूर हैं।
बाढ़ के बाद विश्वविद्यालय परिसर में जलनिकासी की व्यवस्था प्रभावित होने से समस्या और गंभीर हो गई है। कार्यालयों और आने-जाने वाले रास्तों के आसपास पानी जमा होने के कारण कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। वहीं, जरूरी काम के लिए विश्वविद्यालय पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को भी जलजमाव का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति हर वर्ष देखने को मिलती है।
सबसे अधिक परेशानी उन छात्रों को हो रही है, जिन्हें प्रमाणपत्र, आवेदन, परीक्षा अथवा अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए विश्वविद्यालय के कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है। पानी जमा रहने के बावजूद कामकाज जारी है, लेकिन कर्मचारियों और छात्रों को असुविधा के बीच अपनी जिम्मेदारियां पूरी करनी पड़ रही हैं।

छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर में जलजमाव कोई नई समस्या नहीं है। बाढ़ के दौरान पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से हर बार ऐसी स्थिति बन जाती है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से परिसर में गंदगी और फिसलन की समस्या भी बढ़ जाती है।
कर्मचारियों के लिए भी पानी के बीच बैठकर या उससे होकर कार्यालय तक पहुंचना परेशानी का कारण बना हुआ है। उनका कहना है कि जलजमाव के कारण काम करने का माहौल प्रभावित हो रहा है। जरूरी दस्तावेजों और कार्यालयी सामान को भी पानी से बचाकर रखना चुनौती बन जाता है।
छात्रों और कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बाढ़ के मौसम में ऐसी स्थिति से बचने के लिए नालियों की नियमित सफाई और पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था जरूरी है। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है।
विश्वविद्यालय परिसर बाढ़ के समय जलजमाव की तस्वीरें भी व्यवस्था की स्थिति को सामने ला रही हैं। ऐसे में छात्रों और कर्मचारियों को राहत देने के लिए प्रशासन की ओर से जल्द कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

















