


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। स्टार्टअप सिर्फ एक आइडिया का नाम नहीं, बल्कि उस आइडिया को बाजार की जरूरत समझकर उत्पाद में बदलने और फिर उसे बड़े स्तर तक पहुंचाने की पूरी यात्रा है। इसी सोच के साथ विश्व उद्यमिता दिवस पर IIIT भागलपुर के स्टार्टअप सेल ने ‘Scale Up and Market Access’ विषय पर विशेष वर्कशॉप आयोजित की।
वर्कशॉप में विद्यार्थियों को किताबों की थ्योरी से आगे बढ़कर यह समझाया गया कि आइडिया पिचिंग से लेकर प्रोडक्ट डेवलपमेंट, मार्केट वैलिडेशन, फंडिंग, इनक्यूबेशन और स्केल-अप तक स्टार्टअप कैसे आगे बढ़ता है।
स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इंचार्ज डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने विद्यार्थियों को आइडिया पिचिंग और आइडिया डेवलपमेंट के गुर बताए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नया विचार तभी सफल स्टार्टअप बन सकता है, जब उसे व्यावहारिक जरूरत और बाजार की मांग से जोड़ा जाए। उन्होंने बिहार स्टार्टअप पॉलिसी – 2022 के तहत उपलब्ध अवसरों और प्रावधानों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

जिला उद्योग केंद्र, भागलपुर के महाप्रबंधक राकेश कुमार ने युवाओं को सरकारी सहायता और फंडिंग के रास्तों से परिचित कराया। उन्होंने MSME, रेशम/सिल्क उद्योग समेत बिहार सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी योजनाओं और वित्तीय प्रोत्साहनों का इस्तेमाल कर युवा अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकते हैं।
IIT पटना इनक्यूबेशन सेंटर के गोपी कृष्ण ने स्टार्टअप की विकास यात्रा पर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने इनक्यूबेशन सपोर्ट, नए बाजारों की पहचान और कारोबार को बड़े स्तर पर विस्तार देने की रणनीतियों पर चर्चा की। उनका फोकस इस बात पर रहा कि स्टार्टअप के लिए सही मार्गदर्शन, बाजार की समझ और विस्तार की रणनीति उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना शुरुआती आइडिया।
भागलपुर के सफल स्टार्टअप बने ‘लाइव केस स्टडी’
वर्कशॉप का सबसे दिलचस्प हिस्सा रहा स्थानीय सफल उद्यमियों से सीधा संवाद। Trip2Trip के संस्थापक परमप्रीत सिंह और GrihaSetu Labs के संस्थापक रितेश राज को उनके उद्यमिता सफर और उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
विद्यार्थियों ने उनसे स्टार्टअप शुरू करने की शुरुआती मुश्किलों, असफलताओं से मिली सीख, ग्राहकों की जरूरत समझने और कारोबार को आगे बढ़ाने से जुड़े अनुभव सुने। यानी छात्रों को सफलता की सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि उसके पीछे की चुनौतियों और संघर्षों की भी झलक मिली।
‘आइडिया’ से ‘स्केल-अप’ तक पूरी तस्वीर
वर्कशॉप में विद्यार्थियों को स्टार्टअप की पूरी यात्रा को एक साथ समझने का मौका मिला –
Idea → Product Development → Market Validation → Funding → Incubation → Scale-up
विशेषज्ञों और उद्यमियों के साथ संवाद के दौरान छात्रों ने अपने संभावित स्टार्टअप आइडिया पर मार्गदर्शन भी लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
IIIT भागलपुर का स्टार्टअप सेल अब कैंपस में सिर्फ नौकरी की तैयारी नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले युवा तैयार करने की दिशा में भी माहौल बनाने में जुटा है। “Scale Up and Market Access” वर्कशॉप इसी दिशा में एक और कदम रही, जिसने छात्रों को आइडिया से लेकर बाजार तक पहुंचने के रास्ते दिखाए।
















