0
(0)

प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। गंगा का जलस्तर एक बार फिर उस खौफनाक निशान की ओर बढ़ रहा है, जिसकी याद आज भी इस्माईलपुर-बिंद टोली के लोगों के जेहन में ताजा है। रविवार की सुबह स्पर संख्या-7 पर नदी का जलस्तर 33.10 मीटर दर्ज किया गया। यानी वर्ष 2021 में दर्ज किए गए अब तक के सर्वाधिक बाढ़ स्तर 33.50 मीटर से नदी अब सिर्फ 40 सेंटीमीटर नीचे है। ऐसा अनुमान है कि दोपहर बाद हालात और बिगड़ने वाला है।


सबसे चिंता की बात यह है कि गंगा लगातार चढ़ रही है। पिछले 12 घंटे में करीब 20 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी है। मौजूदा जलस्तर इस क्षेत्र में निर्धारित खतरे के निशान 31.60 मीटर से 1.50 मीटर ऊपर पहुंच चुका है। जलस्तर के साथ ही इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध और उसके स्परों पर नदी का दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
2021 की तबाही की याद फिर ताजा:
इस्माईलपुर-बिंद टोली के लिए 2021 की बाढ़ महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि तबाही की ऐसी कहानी है जिसे लोग आज भी नहीं भूले हैं। उस वर्ष गंगा 33.50 मीटर के ऐतिहासिक उच्चतम बाढ़ स्तर तक पहुंच गयी थी। इसी दौरान इस्माईलपुर-बिंद टोली के बीच रिंग बांध में कटाव और टूटने की घटनाओं ने आसपास के दर्जनों गांवों को बाढ़ की चपेट में ला दिया था। पांच साल बाद गंगा फिर उसी ऐतिहासिक ऊंचाई के बेहद करीब पहुंच गयी है। इससे तटबंध के आसपास बसे गांवों में बेचैनी बढ़ने लगी है।
खतरे के निशान से डेढ़ मीटर ऊपर नदी:
जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार स्पर संख्या-7 पर चेतावनी स्तर 30.60 मीटर और खतरे का निशान 31.60 मीटर निर्धारित है। रविवार सुबह गंगा का जलस्तर 33.10 मीटर दर्ज होने के साथ नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है।आंकड़े बता रहे हैं कि 2026 का जलस्तर पिछले साल के उच्चतम स्तर से करीब 47 सेंटीमीटर अधिक हो चुका है।
2025 का रिकॉर्ड भी पीछे छूटा:
गंगा के बढ़ते तेवर का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सितंबर 2025 में इस्माईलपुर-बिंद टोली में जलस्तर 32.63 मीटर तक पहुंचा था। तब भी नदी खतरे के निशान से 1.03 मीटर ऊपर थी।
इस बार गंगा उस स्तर को भी पीछे छोड़ चुकी है। वर्तमान जलस्तर 33.10 मीटर पहुंचने के साथ नदी अब 2021 के ऐतिहासिक HFL से सिर्फ 40 सेंटीमीटर नीचे है।
कटाव के साथ बाढ़ का भी खतरा:
इस समय प्रशासन और जल संसाधन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती तटबंध को सुरक्षित रखना और संवेदनशील हिस्सों में कटाव को नियंत्रित करना है। ग्रामीणों की चिंता यह है कि यदि गंगा इसी रफ्तार से बढ़ती रही और मुख्य धारा तटबंध के करीब बनी रही, तो हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं।
अगले कुछ घंटे अहम:
फिलहाल इस्माईलपुर-बिंद टोली के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि गंगा 33.50 मीटर के ऐतिहासिक HFL तक पहुंचेगी या इससे पहले जलस्तर थम जाएगा। रिकॉर्ड से सिर्फ 40 सेंटीमीटर नीचे खड़ी गंगा और पिछले 12 घंटे में 20 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी – दोनों संकेत इलाके के लिए खतरे की घंटी हैं। ऐसे में आने वाले कुछ घंटे तटबंध और आसपास के गांवों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 0 / 5. Vote count: 0

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: