5
(2)


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। जेल की ऊंची दीवारों के भीतर चल रही कथित साजिश का एक पत्र बाहर पहुंचा और मामला सीधे थाने तक जा पहुंचा। भोजपुर के शाहपुर से भाजपा विधायक राकेश रंजन ने भागलपुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक समेत चार लोगों पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।
विधायक की ओर से कर्नामेपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी में भागलपुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक राजीव कुमार झा के अलावा जेल में बंद हरेश मिश्रा, कुबेर मिश्रा और कुख्यात लंगू शर्मा को नामजद किया गया है।
प्राथमिकी के मुताबिक विधायक को 8 जुलाई को डाक के जरिए एक पत्र मिला। पत्र में कथित तौर पर भागलपुर केंद्रीय जेल में उनकी हत्या की साजिश रचे जाने की जानकारी दी गई थी।
पत्र मिलने के बाद विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि पत्र भेजने वाला कौन था, उसे यह जानकारी कहां से मिली और पत्र में किए गए दावों में कितनी सच्चाई है।

मामले को इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि प्राथमिकी में शामिल हरेश मिश्रा का नाम विधायक के पिता और भाजपा के कद्दावर नेता रहे विश्वेश्वर ओझा की हत्या के मामले से भी जुड़ा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार हरेश मिश्रा इस मामले में सजा भी पा चुका है।
ऐसे में विधायक की ओर से लगाए गए आरोपों ने पुराने आपराधिक घटनाक्रम और मौजूदा विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच का केंद्र विधायक को मिला पत्र, उसमें दर्ज सूचनाएं और नामजद किए गए लोगों की भूमिका है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित साजिश के पीछे वास्तव में कोई आपराधिक योजना थी या फिर किसी ने गलत सूचना देकर भय पैदा करने की कोशिश की।
फिलहाल विधायक के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं। इसलिए पूरे मामले की असली तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।
जेल की सलाखों के पीछे से निकली कथित साजिश की यह कहानी अब पुलिस की जांच के घेरे में है।

Aapko Yah News Kaise Laga.

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 2

No votes so far! Be the first to rate this post.

Share: